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कांशीराम जयंती पर बोलीं मायावती: यूपी में अपने बलबूते लड़ेंगे विधानसभा चुनाव, नहीं करेंगे गठबंधन
Mon, 15 Mar 2021 08:05 PM IST
ishwar ashish
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Mon, 15 Mar 2021 08:05 PM IST
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बसपा सुप्रीमो मायावती।
- फोटो : amar ujala
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बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा है कि उनकी पार्टी यूपी, पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु व पुडुचेरी सहित किसी भी राज्य में किसी दल से गठबंधन नहीं करेगी। यूपी का पंचायत चुनाव भी अपने बलबूते पूरी ताकत से लड़ेगी। इसकी जमीनी तैयारी चल रही है।
पूर्व मुख्यमंत्री मायावती सोमवार को पार्टी संस्थापक कांशीराम की जयंती पर श्रद्धांसुमन अर्पित करने के बाद प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से मुखातिब थीं। बसपा संस्थापक का जन्मदिन पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ मनाया गया। एक सवाल पर मायावती ने कहा कि बसपा यूपी के विधानसभा आमचुनाव में किसी भी दल, संगठन या पार्टी से गठगंधन नहीं करेगी। पार्टी सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और किसी के लिए एक सीट भी नहीं छोड़ेगी।
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव भी पूरी तैयारी व दमदारी से लड़ा जाएगा। पार्टी अंदर-अंदर तैयारी में लगी है और अच्छा रिजल्ट दिखाएगी। पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने पर भाजपा को फायदा होने से जुड़े सवाल पर मायावती ने कहा कि बसपा के अकेले चुनाव लड़ने से किसे फायदा हो या रहा या नुकसान, इससे हमारा लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि हम जिस भी पार्टी से गठबंधन कर चुनाव लड़ते हैं, उस पार्टी को बसपा का वोट ट्रांसफ र हो जाता है लेकिन दूसरी पार्टी अपना वोट हमारे उम्मीदवार को ट्रांसफर नहीं करा पाती हैं। इसलिए बसपा को गठबंधन से कोई लाभ नहीं मिलता है।
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कांग्रेस व प्रियंका गांधी के यूपी में गतिविधियों से संबंधित एक अन्य सवाल पर मायावती ने कहाकि हर पार्टी को अपने हिसाब से गठबंधन कर चुनाव लड़ने का अधिकार है। कांग्रेस किसी गठबंधन करती है या अकेले लड़ती है, या किसे किस रूप में प्रोजेक्ट करती है, यह उनकी पार्टी का आंतरिक मामला है।
चीनी मिल बेंचने का फैसला कैबिनेट का, नियमों का हुआ पालन
बसपा राज में चीनी मिलों के बिकने में भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल पर मायावती ने कहा कि केंद्र हो या राज्य, सभी सरकारें निजीकरण संबंधी फैसले लेती रहती हैं। बसपा सरकार में भी बंद चीनी मिलों को बेचनेे का फैसला हुआ। लेकिन यह किसी मंत्री या मुख्यमंत्री का निजी फैसला नहीं था बल्कि यह कैबिनेट का सामूहिक फैसला था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा करते समय सभी कायदे-कानून व नियमों आदि का पालन सुनिश्चित किया गया था।
जान गंवाने वाले किसान परिवारों को मिले मुआवजा व नौकरी
मायावती ने केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग दुहराई है। उन्होंने कहा कि बसपा पूरे तौर से किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को उचित आर्थिक सहायता व पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
भाजपा सरकार की कार्यशैली से जनता परेशान
मायावती ने कहाकि बीजेपी की सरकारों के चलते पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस आदि की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ती जा रही है। गरीबी, बेरोजगारी व खराब कानून-व्यवस्था से लोगों का जीवन अति-कठिन होता जा रहा है। दूसरी ओर कुछ पूंजीपतियों व धन्नासेठों की दौलत बढ़ती जा रही है। यह सरकार की नीति व नीयत पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार में जातिगत व द्वेष की भावना से एनकाउंटर व बुलडोजर से घरों को गिराने का काम हो रहा है। विकास के कार्य जमीनी हकीकत से दूर हैं। इस कार्यशैली से जनता काफ ी परेशान है।
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पूर्व मुख्यमंत्री मायावती सोमवार को पार्टी संस्थापक कांशीराम की जयंती पर श्रद्धांसुमन अर्पित करने के बाद प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से मुखातिब थीं। बसपा संस्थापक का जन्मदिन पूरे प्रदेश में उत्साह के साथ मनाया गया। एक सवाल पर मायावती ने कहा कि बसपा यूपी के विधानसभा आमचुनाव में किसी भी दल, संगठन या पार्टी से गठगंधन नहीं करेगी। पार्टी सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और किसी के लिए एक सीट भी नहीं छोड़ेगी।
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उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव भी पूरी तैयारी व दमदारी से लड़ा जाएगा। पार्टी अंदर-अंदर तैयारी में लगी है और अच्छा रिजल्ट दिखाएगी। पश्चिम बंगाल में अकेले चुनाव लड़ने पर भाजपा को फायदा होने से जुड़े सवाल पर मायावती ने कहा कि बसपा के अकेले चुनाव लड़ने से किसे फायदा हो या रहा या नुकसान, इससे हमारा लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि हम जिस भी पार्टी से गठबंधन कर चुनाव लड़ते हैं, उस पार्टी को बसपा का वोट ट्रांसफ र हो जाता है लेकिन दूसरी पार्टी अपना वोट हमारे उम्मीदवार को ट्रांसफर नहीं करा पाती हैं। इसलिए बसपा को गठबंधन से कोई लाभ नहीं मिलता है।
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कांग्रेस व प्रियंका गांधी के यूपी में गतिविधियों से संबंधित एक अन्य सवाल पर मायावती ने कहाकि हर पार्टी को अपने हिसाब से गठबंधन कर चुनाव लड़ने का अधिकार है। कांग्रेस किसी गठबंधन करती है या अकेले लड़ती है, या किसे किस रूप में प्रोजेक्ट करती है, यह उनकी पार्टी का आंतरिक मामला है।
चीनी मिल बेंचने का फैसला कैबिनेट का, नियमों का हुआ पालन
बसपा राज में चीनी मिलों के बिकने में भ्रष्टाचार से जुड़े सवाल पर मायावती ने कहा कि केंद्र हो या राज्य, सभी सरकारें निजीकरण संबंधी फैसले लेती रहती हैं। बसपा सरकार में भी बंद चीनी मिलों को बेचनेे का फैसला हुआ। लेकिन यह किसी मंत्री या मुख्यमंत्री का निजी फैसला नहीं था बल्कि यह कैबिनेट का सामूहिक फैसला था। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा करते समय सभी कायदे-कानून व नियमों आदि का पालन सुनिश्चित किया गया था।
जान गंवाने वाले किसान परिवारों को मिले मुआवजा व नौकरी
मायावती ने केंद्र सरकार से तीनों कृषि कानून वापस लेने की मांग दुहराई है। उन्होंने कहा कि बसपा पूरे तौर से किसानों के साथ खड़ी है। उन्होंने कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को उचित आर्थिक सहायता व पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है।
भाजपा सरकार की कार्यशैली से जनता परेशान
मायावती ने कहाकि बीजेपी की सरकारों के चलते पेट्रोल-डीजल व रसोई गैस आदि की बढ़ती कीमतों से महंगाई बढ़ती जा रही है। गरीबी, बेरोजगारी व खराब कानून-व्यवस्था से लोगों का जीवन अति-कठिन होता जा रहा है। दूसरी ओर कुछ पूंजीपतियों व धन्नासेठों की दौलत बढ़ती जा रही है। यह सरकार की नीति व नीयत पर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की भाजपा सरकार में जातिगत व द्वेष की भावना से एनकाउंटर व बुलडोजर से घरों को गिराने का काम हो रहा है। विकास के कार्य जमीनी हकीकत से दूर हैं। इस कार्यशैली से जनता काफ ी परेशान है।