AIMPLB : मौलाना सैफुउल्लाह रहमानी मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के चुने गए निर्विरोध अध्यक्ष, फजलुर्रहीम महासचिव
ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के अध्यक्ष पद के लिए मौलाना खालिद सैफउल्लाह रहमानी को निर्विरोध चुना गया है।
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मुस्लिम समुदाय के सबसे बड़े संगठन ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के मौजूदा महासचिव मौलाना खालिद सैफुल्लाह रहमानी को निर्विरोध बोर्ड का नया अध्यक्ष चुना गया। इंदौर के महू स्थित मदरसा जामिया इस्लामिया बनजारी में आयोजित बोर्ड के दो दिवसीय इजलास के पहले दिन शनिवार को सभी 251 सदस्यों ने उनके नाम पर मुहर लगा दी। वह तीन साल पद पर रहेंगे। वहीं, मौलाना फजलुर्रहीम मुजददिदी को महासचिव चुना गया है।
सम्मेलन में मौलाना के सामने किसी भी सदस्य, पदाधिकारी ने अपनी दावेदारी पेश नहीं की। ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड मुस्लिम समुदाय के तमाम मसलकों का संयुक्त संगठन है। सम्मेलन में मुख्य रूप से बोर्ड के सचिव मौलाना उमरैन महफूज रहमानी, उपाध्यक्ष मौलाना फजलुर्रहीम मुजददिदी, मौलाना तौकीर रजा, मौलाना अतीक अहमद बस्तवी, मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली, डॉ. आसमा जहरा, डॉ. कासिम रसूल इलियास आदि मौजूद रहे।
13 अप्रैल से खाली था पद
हैदराबाद के मौलाना रहमानी इस्लामिक कानून के बड़े जानकार माने जाते हैं और बोर्ड के पांचवें अध्यक्ष हैं। हैदराबाद में उनकी इस्लामिक फिक्ह अकादमी संचालित होती है, जो शरीयत की शिक्षा देती है। मौलाना सैयद राबे हसनी नदवी के देहांत के बाद 13 अप्रैल से अध्यक्ष का पद खाली था। मौलाना नदवी जून 2002 में पहली बार बोर्ड के अध्यक्ष बने थे। वे लगातार 6 बार निर्विरोध अध्यक्ष चुने जाते रहे। 1972 में देवबंद के मौलाना कारी मोहम्मद तय्यब को बोर्ड का पहला अध्यक्ष चुना गया था।
महासचिव बने मौलाना फजलुर्रहीम
महासचिव पद के लिए मौलाना फजलुर्रहीम मुजददिदी को चुना गया। राजस्थान के जयपुर के मौलाना फजलुर्रहीम दीनी तालीम और आधुनिक शिक्षा के मैदान में खिदमात के लिये जाने जाते हैं। दिल्ली से लेकर जयपुर तक वो कई शिक्षण संस्थानों को संचालित करते हैं। यहां पर दीनी शिक्षा के साथ ही आधुनिक शिक्षा भी दी जाती है। दिल्ली में मौलाना सिविल सेवा की तैयारी के लिये सेंटर संचालित करते हैं, यहां पर गरीब मुस्लिम परिवार के बच्चों को निशुल्क तैयारी करवाने के साथ ही वहां ठहराने की व्यवस्था भी रहती है। बोर्ड के मौजूदा महासचिव मौलाना खालिद सैफुउल्लाह रहमानी के अध्यक्ष चुने जाने से महासचिव का पद खाली हो गया था।