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लेडी सिंघम की तरकीब: अपराधियों के साथ सेल्फी खिंचवाएगी कामचोर पुलिस

Wed, 01 Jun 2016 03:56 PM IST
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ
विवेक त्रिपाठी/अमर उजाला, लखनऊ Updated Wed, 01 Jun 2016 03:56 PM IST
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manzil saini starts selfie policing in lucknow
- फोटो : amar ujala

राजधानी में बहुत जल्द सेल्फी पुलिसिंग शुरू होगी। एसएसपी मंजिल सैनी ने कामचोर पुलिसकर्मियों को फील्ड पर उतारने के लिए यह अनूठी येजना तैयार की है। इसके तहत हिस्ट्रीशीटरों और चेन व पर्स लुटेरों का सत्यापन करने वाले पुलिसकर्मियों को उनके घर जाकर अपनी सेल्फी खींचकर अपने अधिकारियों को भेजनी होगी।

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एसएसपी ने बताया कि थाना स्तर पर पुलिसकर्मियों के इलाके में गश्त और भ्रमण न करने की शिकायतें आम हैं। ऐसे दरोगा बहुत कम हैं जिन्हें अपने थाना या चौकी क्षेत्र के अपराधियों का नाम-पता भी मालूम हो। 
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अगर कोई नाम-पता जानता भी है तो कभी उनके घर नहीं जाता। हिस्ट्रीशीटर की निगरानी और अपराधियों के सत्यापन का काम तो उनके लिए बोझ जैसा होता है। यही वजह है कि अपराधी इलाके में घूमकर वसूली या गुंडागर्दी करते हैं।
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आसपास के लोगों को धमकाते हैं लेकिन लोग शिकायत करने के बजाए सहते रहते हैं। लोगों के मन में कहीं न कहीं यह बात होती है कि अपराधी उनके पड़ोस में ही रहता है लेकिन पुलिस महीनों में नजर आती है। ऐसे में कोई भी व्यक्ति अपराधियों की शिकायत करके बेवजह की मुसीबत मोल लेने की हिम्मत नहीं जुटा पाता। नतीजतन अपराधी पुलिस पर हावी होने लगते हैं।

यही वजह है कि अपराधियों का सत्यापन जरूरी है। हालांकि, सत्यापन के लिए जब पुलिसकर्मियों को अपराधियों के घर जाने के निर्देश दिए जाते हैं तो वह सिपाहियों को भेजकर कागजी खानापूरी कराते रहते हैं। इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए ही सेल्फी पुलिसिंग की योजना बनाई गई है।

हाईटेक पुल‌िस‌िंग को आगे बढ़ाया जाएगा

manzil saini starts selfie policing in lucknow

सेल्फी पुलिसिंग परंपरागत और आधुनिक पुलिसिंग का कॉम्बिनेशन है। एसएसपी ने कहा कि एक तरफ संबंधित पुलिसकर्मी सूचीबद्ध व चिह्नित अपराधियों के घर जाकर परंपरागत पुलिसिंग करेगा तो दूसरी तरफ सेल्फी खींचकर हाईटेक पुलिसिंग को आगे बढ़ाएगा। 

उन्होंने कहा कि फिलहाल सेल्फी पुलिसिंग को अपराधियों और हिस्ट्रीशीटरों के सत्यापन के काम में ही इस्तेमाल किया जाएगा। इसके परिणाम देखते हुए भविष्य में अन्य उपयोग तय किए जाएंगे।

एसएसपी ने कहा कि सत्यापन के काम के लिए लगाए गए पुलिसकर्मियों के नाम पहले से तय हैं। किस दरोगा को किस बदमाश के घर जाना है, यह भी निर्धारित है। यह पुलिसकर्मी चिह्नित अपराधी के घर जाते हैं या नहीं, अभी इसकी पुष्टि करने का कोई तरीका नहीं है। 

अब पुलिसकर्मियों को अपराधी के घर जाकर उसके मकान के साथ सेल्फी लेनी होगी। सेल्फी भेजने पर स्पष्ट हो जाएगा कि पुलिसकर्मी खुद अपराधी के घर गया था या उसने किसी सिपाही से यह काम कराया है। ऐसे पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।

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