शिक्षण संस्थानों की लापरवाही से लाखों छात्रों की फंसेगी शुल्क भरपाई, दो अक्टूबर तक भुगतान मुश्किल
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उत्तर प्रदेश में शिक्षण संस्थानों की लापरवाही से लाखों छात्रों की छात्रवृत्ति और शुल्क भरपाई फंसने की नौबत आ गई है। जिन छात्रों को दो अक्टूबर तक भुगतान किया जाना है, उनका डाटा संस्थानों को हर हाल में 3 सितंबर तक फारवर्ड करना है। लेकिन, संस्थानों ने अभी तक आवेदन करने वाले 12 फीसदी छात्रों का भी डाटा फारवर्ड नहीं किया है। समाज कल्याण विभाग ने इन संस्थानों के प्रबंधन को कड़ी चेतावनी जारी की है।
प्रदेश सरकार ने ‘नवीनीकरण श्रेणी’ में आवेदन करने वाले छात्रों को दो अक्टूबर से पहले भुगतान करने के निर्देश दिए हैं। इतना ही नहीं दो अक्तूबर को जिलों में जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कार्यक्रम करके इन छात्रों को प्रमाणपत्र वितरित करने के लिए भी कहा है। दो अक्तूबर तक भुगतान करने के लिए जरूरी है कि शिक्षण संस्थान 3 सितंबर तक नवीनीकरण श्रेणी का डाटा जिलास्तरीय अधिकारियों के लिए फारवर्ड कर दें।
इस समय स्थिति यह है कि दशमोत्तर कक्षाओं में सामान्य व अनुसूचित जाति के 7.24 लाख छात्रों ने ऑनलाइन आवेदन कर दिया है, पर इनमें से 84252 छात्रों का डाटा ही जिलास्तरीय अधिकारियों को अग्रसारित किया गया है। कमोबेश यही स्थिति अन्य पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक छात्रों के मामले में भी है।
लोड ज्यादा होने से वेबसाइट पर आ रही स्पीड संबंधी दिक्कतें
समाज कल्याण विभाग की चिंता का सबब यह भी है कि ऐन वक्त पर एक साथ ज्यादा संस्थानों ने डाटा फारवर्ड करने की कोशिश की तो लोड ज्यादा होने की वजह से वेबसाइट पर स्पीड संबंधी समस्याएं भी आ सकती है।
यहां बता दें कि दशमोत्तर कक्षाओं में छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना का लाभ लेने के लिए 10 अक्तूबर तक और पूर्व दशम कक्षाओं में छात्रवृत्ति के लिए 10 सितंबर तक आवेदन किया जा सकता है। लेकिन, जिन छात्रों का डाटा 3 सितंबर के बाद फारवर्ड होगा, उन्हें योजना का लाभ अक्तूबर के बजाय जनवरी-2020 में मिलेगा।