साल 2020 लखनऊ में लोकार्पण और शिलान्यास का साल रहेगा: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री और लखनऊ से सांसद राजनाथ सिंह ने कहा कि अभी तक विकास कार्य की शुरुआत को प्राथमिकता दी गई। अब पूरे हो चुके प्रोजेक्टों के लोकार्पण और नए काम शुरू करने का समय आ गया है। वर्ष 2020 राजधानी के विकास में लोकार्पण और शिलान्यास के नाम रहेगा।
चार फ्लाईओवरों के साथ 12 किमी लंबे किसान पथ पर भी ट्रैफिक शुरू हो जाएगा। वहीं, समतामूलक चौराहा, 1090 चौराहा और खुर्रमनगर चौराहे पर भी फ्लाईओवर और ग्रेड सेपरेटर के प्रोजेक्ट शुरू कराए जाएंगे।
रक्षामंत्री ने ये बातें शनिवार को पुराने लखनऊ में बन रहे तीनों फ्लाईओवरों के निरीक्षण के बाद कहीं। सुबह उन्होंने साइट पर जाकर हुसैनगंज से डीएवी कॉलेज, हैदरगंज तिराहे से मीना बेकरी, चरक चौराहा से विक्रम कॉटन मिल रोड पर फ्लाईओवर के कामों को देखा।
अधिकारियों से प्रोजेक्ट पूरा करने के समय और दिक्कतों के बारे में पूछा। इस दौरान कैबिनेट मंत्री बृजेश पाठक, सेतु निगम के संयुक्त प्रबंध निदेशक अरविंद कुमार श्रीवास्तव, मुख्य परियोजना प्रबंधक संदीप गुप्ता, डीएम अभिषेक प्रकाश, नगर आयुक्त इंद्रमणि त्रिपाठी, सांसद प्रतिनिधि दिवाकर त्रिपाठी भी थे।
मई में शुरू हो जाएगा हुसैनगंज-डीएवी फ्लाईओवर
सेतु निगम के अधिकारियों ने रक्षामंत्री को बताया कि हुसैनगंज से डीएवी के बीच बन रहे करीब डेढ़ किमी लंबे फ्लाईओवर को मई में शुरू कर दिया जाएगा। वहीं, जून में हैदरगंज से मीना बेकरी फ्लाईओवर और अक्तूबर में चरक चौराहे से हैदरगंज जाने वाला फ्लाईओवर बन जाएगा।
तीनों पुलों का काम जून 2021 तक प्रस्तावित था। ऐसे में ये समय से पहले तैयार हो जाएंगे। वहीं, रिंगरोड पर बन रहा टेढ़ी पुलिया फ्लाईओवर पीडब्ल्यूडी की एनएच डिवीजन नवंबर में तैयार कर लेगी।
चरक से विक्रम कॉटन मिल रोड पर काम धीमा
राजनाथ सिंह को सबसे धीमा काम चरक चौराहे से विक्रम कॉटन मिल रोड के बीच बन रहे फ्लाईओवर पर मिला। तीनों पुलों में सबसे लंबे इस फ्लाईओवर पर अभी प्रगति 51 प्रतिशत है। सेतु निगम के अधिकारियों ने अतिक्रमण और यूटिलिटी शिफ्टिंग में दिक्कतें गिनाईं। डीएम ने रक्षामंत्री को इन दिक्कतों का निदान कराने के लिए कहा है।
पुराने लखनऊ के फ्लाईओवरों की स्थिति
प्रोजेक्ट - हुसैनगंज चौराहे से नाका चौराहे से डीएवी कॉलेज के बीच तीन लेन फ्लाईओवर
लागत - 123.79 करोड़ रुपये
लंबाई - 1527.88 मीटर
प्रगति - 89 फीसदी
पूरा करने का लक्ष्य - मई 2020
प्रोजेक्ट - हैदरगंज तिराहे से मीना बेकरी मोड़ तक दो लेन फ्लाईओवर
लागत - 40.42 करोड़ रुपये
लंबाई - 908.05 मीटर
प्रगति - 69 फीसदी
पूरा करने का लक्ष्य - जून 2020
प्रोजेक्ट - चरक चौराहे से हैदरगंज तिराहे से विक्रम कॉटन मिल रोड तक दो लेन फ्लाईओवर
लागत - 110.15 मीटर
लंबाई - 2478.04 मीटर
प्रगति - 51 फीसदी
पूरा करने का लक्ष्य - अक्तूबर 2020
(जैसा सेतु निगम के अधिकारियों ने राजनाथ सिंह को बताया।)
1090, समतामूलक चौराहा प्राथमिकता में शामिल
सांसद प्रतिनिधि ने बताया कि रक्षामंत्री ने विशेष रूप से समतामूलक चौराहा और 1090 चौराहे पर ट्रैफिक सुधार के लिए काम करने को कहा है। एलडीए यहां मिसिंग लिंक प्रोजेक्ट में योजना बना चुका है। तकनीकी रूप से यहां अब फिजिबिलिटी तय कर ग्रेड सेपरेटर या खास डिजाइन के फ्लाईओवर बनाने पर फैसला लिया जाना है। इसके बाद निर्माण व शिलान्यास पर फैसला होगा। कुकरैल पुल शुरू होने से इन चौराहों पर वाहनों का लोड बढ़ा है। ऐसे में इन्हें नए सिरे से डिजाइन करने की जरूरत है।
खुर्रमनगर पर वाई शेप फ्लाईओवर
दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि टेढ़ी पुलिया पर काम खत्म होने के बाद खुर्रमनगर चौराहे पर फ्लाईओवर का निर्माण शुरू होगा। यहां सड़क परिवहन मंत्रालय से वाई शेप डिजाइन फ्लाईओवर की मांग की गई है। इनमें से एक लेन खुर्रमनगर चौराहे से सेक्टर 20 चौराहा और एक लेन कुकरैल पुल के लिए कल्याण अपार्टमेंट की तरफ लिंक करेगी। इससे दोनों तरफ ट्रैफिक की आवाजाही आसान हो जाएगी।
फ्लाईओवर के नीचे होगा सौंदर्यीकरण
राजनाथ सिंह ने पुराने लखनऊ में फ्लाईओवर के निर्माण के बाद मेट्रो की तर्ज पर पिलर्स के पास बैरीकेडिंग कर सौंदर्यीकरण कराने को कहा है। डीएम और नगर आयुक्त ने इसकी जरूरत रक्षामंत्री के सामने रखी। सेतु निगम के बजट में प्रावधान नहीं होने पर रक्षामंत्री ने इसके लिए बजट प्रस्ताव बनाकर देने को कहा है। सेतु निगम फ्लाईओवरों के नीचे सड़कों को भी जरूरत के मुताबिक तैयार करेगा।