सीतापुर: केमिकल रिसाव की जद में आने से तीन बच्चों सहित सात लोगों की दर्दनाक मौत
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सीतापुर की बिसवां कोतवाली में तेजाब फैक्ट्री से हुए केमिकल रिसाव की जद में आने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों सहित सात लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मरने वालों में तीन बच्चे भी शामिल हैं। पास में चार कुत्ते भी मृत पाए गए हैं।
मामले में परिवार द्वारा बनाए गए भोजन की भी जांच कराई जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से लोगों की मौत के कारण तरह स्पष्ट होगा। जानकारी पर पहुंची एनडीआरएफ टीम भी जांच कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक मृतक आश्रित को चार-चार लाख रुपये आर्थिक सहायत देने का एलान किया है साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। डीएम अखिलेश तिवारी, डीआईजी/एसपी एलआर कुमार सहित कई अधिकारी मौके पर जांच कर रहे हैं।
बिसवां के काजी टोला निवासी इजहारूल की बिसवां कस्बे से महज दो किलोमीटर दूर शारदा सहायक नहर किनारे जलालपुर के पास दरी फैक्ट्री है। यहां मूलत: कानपुर के रेल बाजार क्षेत्र के सुजातगंज नईबस्ती निवासी अतीक (50) पुत्र अलीरजा, अपनी पत्नी शायरा (40), पुत्री आयशा (12), आठ वर्षीय बेटे आफरोज व ढेड वर्षीय बेटे फैसल के साथ रहकर चौकीदारी करता था। उसकी पत्नी यहीं मजदूरी करती थी।
फैक्ट्री मालिक का रिश्तेदार लखनऊ के मालेखां सरायं चौक निवासी अतीक अंसारी उर्फ मोटू उर्फ पहलवान (55) पुत्र फारूक व मामा उर्फ अनवर (70) वर्ष भी रात को फैक्ट्री में थे। गुरुवार की सुबह जब कुछ महिलाएं मजदूरी करने पहुंची तो इन सभी लोगों को मृत पाया। जिस पर फैक्ट्री के मालिक को सूचना दी गई।
जहरीला केमिकल निकलने से इन सभी की मौत हुई
घटना की खबर फैलते ही हड़कंप मच गया। आनन फानन में डीएम, एसपी, सीएमओ, एडीएम सहित पूरा पुलिस व प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंच गया। जांच में प्रथम दृष्टया पता चला कि दरी फैक्ट्री से चंद कदम दूरी पर स्थित बिसवां की गीता गुप्ता की दि-बालाजी आर्गेनिक्स फैक्ट्री से जहरीला केमिकल निकलने से इन सभी की मौत हुई है।
पुलिस ने केमिकल फैक्ट्री से सोमेश गुप्ता, चौकीदार सिराजुददीन को हिरासत में ले लिया है। घटना के बाद एनडीआरएफ ने जांच की है। साथ ही विधि विज्ञान प्रयोगशाला की टीम ने रिसे हुए पानी, कीचड़, मिट्टी, मृतकों द्वारा तैयार किए गए खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए भरे हैं। शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।