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मुख्य सचिव सहित 40 आईएएस अधिकारी होंगे 2019 में रिटायर, चुनाव को लेकर उठे सवाल

Sun, 30 Dec 2018 01:17 PM IST
MANISH sachan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ Published by: MANISH sachan Updated Sun, 30 Dec 2018 01:17 PM IST
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many IAS officers will be retire in next year
IAS

नए साल में 40 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी लंबी प्रशासनिक सेवा पूरी कर रिटायर हो जाएंगे। मौजूदा मुख्य सचिव डॉ. अनूपचंद्र पांडेय को सेवा विस्तार दिया गया तो भी सरकार को नए साल में नए मुख्य सचिव की तलाश करनी होगी। मार्च में योगी सरकार का आधा कार्यकाल पूरा हो जाएगा।

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जनवरी में यूपी काडर का कोई भी आईएएस अधिकारी रिटायर नहीं हो रहा है। फरवरी में मुख्य सचिव डॉ. पांडेय से यूपी काडर के अफसरों के रिटायरमेंट की शुरुआत होगी। फरवरी में ही अपर मुख्य सचिव शंभूनाथ शुक्ला, डॉ. ललित वर्मा, चंचल कुमार तिवारी व केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अनिल संत भी रिटायर हो जाएंगे।
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इनके अलावा अन्य महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत अधिकारियों में कृषि उत्पादन आयुक्त प्रभात कुमार अप्रैल में, पूर्व मुख्य सचिव दीपक सिंघल मई में, समाज कल्याण आयुक्त चंद्र प्रकाश-प्रथम जून में, राजस्व परिषद के चेयरमैन प्रवीर कुमार जुलाई में और पूर्व मुख्य सचिव राहुल प्रसाद भटनागर सितंबर में रिटायर हो जाएंगे। नियुक्ति एवं कार्मिक विभाग ने कैलेंडर वर्ष 2019 में रिटायर होने वाले आईएएस अधिकारियों की सूची तैयार कर ली है।

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फरवरी में जिलाधिकारियों के साथ कई मंडलायुक्त भी हटेंगे

आगामी मार्च से मई तक लोकसभा चुनाव आचार संहिता लागू रहने की संभावना है। ऐसे में मतदाता पुनरीक्षण अभियान की वजह से लागू आचार संहिता के बाद फरवरी में प्रस्तावित प्रशासनिक फेरबदल में फील्ड में तैनात तमाम अफसरों के तबादले की संभावना है। इनमें गाजियाबाद की डीएम पदोन्नति की वजह से और तीन मंडलों के डीएम चुनाव बीच रिटायरमेंट की वजह से हटाए जा सकते हैं।

इस तरह रिटायर होंगे आईएएस अधिकारी

फरवरी : डॉ. अनूपचंद्र पांडेय 1984 बैच, मुरली मनोहर लाल 1999, शंभूनाथ 1984, अनिल संत 1988, डॉ. ललित वर्मा 1984, चंचल कुमार तिवारी 1983 व हरिशंकर उपाध्याय 2008 बैच।
मार्च : अनंत कुमार सिंह 1984,  सुधेश कुमार ओझा 2001 बैच।
अप्रैल : डॉ. प्रभात कुमार 1985 बैच।
मई : दीपक सिंघल 1982 बैच, बलविंदर सिंह भुल्लर 1986, डॉ. पीवी जगनमोहन 1987, चंद्र प्रकाश त्रिपाठी 2001,  कर्ण सिंह चौहान, 2001 बैच।
जून : चंद्रप्रकाश-प्रथम 1982 बैच, डॉ. अरुण वीर सिंह 2006, जगतराज 2001, डॉ. सुरेंद्र कुमार 2005, विद्यासागर प्रसाद 2005 बैच। 
जुलाई : प्रवीर कुमार 1982 बैच, विवेक वार्ष्णेय 2006, कुमार अरविंद सिंह देव, नेपाल सिंह रवि 1984 बैच।
अगस्त : प्रमोद कुमार 2004 बैच।
सितंबर :  राहुल प्रसाद भटनागर 1983, शारदा सिंह 2001, कुमुदलता श्रीवास्तव 2001, गया प्रसाद 2001, आनंद कुमार सिंह-प्रथम 2001 बैच।
नवंबर : डॉ. अनिता भटनागर जैन 1985, संजीव सरन 1983, मनोज मिश्र 1999 बैच।
दिसंबर : भूपेंद्र सिंह 1985, शरद कुमार सिंह 2001, अजय दीप सिंह 2001, अरविंद कुमार सिंह 2006, सुरेंद्र विक्रम 2005, सुरेश कुमार 2005 व उमेश सिन्हा 1986 बैच।

अटकलें, नया मुख्य सचिव कराएगा चुनाव या मौजूदा पर ही दारोमदार

ब्यूरोक्रेसी के भीतर सबसे ज्यादा अटकलें इस बात पर हैं कि लोकसभा चुनाव नया मुख्य सचिव कराएगा या मौजूदा मुख्य सचिव डॉ. अनूपचंद्र पांडेय ही। चर्चा है कि  सरकार लोकसभा चुनाव तक मौजूदा मुख्य सचिव को सेवा विस्तार दे सकती है। वजह, तमाम लोगों के न चाहने के बावजूद मुख्यमंत्री ने पांडेय को यह जिम्मेदारी दी थी। मुख्य सचिव अब भी मुख्यमंत्री का पूरा भरोसा प्राप्त किए नजर आते हैं। दूसरा, मार्च में नए मुख्य सचिव की तैनाती हुई तो चुनाव आचार संहिता की वजह से उसके पास किसी तरह के प्रयोग की गुंजाइश नहीं होगी। तीसरा, उस समय प्रशासनिक फेरबदल में भी उसकी भूमिका न के बराबर होगी, तबादले चुनाव आयोग के दायरे में आ जाएंगे।

इसके अलावा चुनाव नतीजे आने पर उसकी तैनाती के प्रभाव का भी आकलन होगा। नए मुख्य सचिव की रेस में शामिल एक वरिष्ठ अधिकारी कहते हैं कि ठीक आम चुनाव से पहले कोई भी अपनी ओर से इतनी संवेदनशील जिम्मेदारी के  लिए प्रयास नहीं करना चाहेगा। इसके बहुत ‘रिस्क’ हैं। अपेक्षित नतीजे न आने पर बिना किसी भूमिका के ठीकरा फूटने से नहीं बचेगा।

इससे सरकार के पास अपने आधे कार्यकाल के लिए चुनाव बाद नए समीकरणों को ध्यान में रखकर नया मुख्य सचिव बनाने का विकल्प खुला रहेगा। पांडेय को इसका फायदा मिल सकता है। बाकी निर्णय सरकार करेगी। बताते चलें, नए मुख्य सचिव के लिए 1984 बैच से 1987 बैच तक के आईएएस अफसर उम्मीद बांधे हुए हैं। इनमें प्रदेश में कार्यरत से लेकर केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत अफसर तक शामिल हैं।

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