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Lucknow News: हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर विदेशियों को ठगने वाला गिरफ्तार
Mon, 17 Feb 2025 02:02 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Mon, 17 Feb 2025 02:02 AM IST
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आरोपी रूपेश सिंह। स्रोत ः एसटीएफ
लखनऊ। विदेशी लोगों को कॉल कर हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर ठगी का धंधा विभूतिंखड कंचन टावर में चल रहा था। पुलिस ने फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ करते हुए उसके संचालक पश्चिम बंगाल हुगली निवासी रूपेश सिंह को गिरफ्तार किया। आरोपियों के तार विदेश में बैठे जालसाजों से जुड़े हैं। कॉल सेंटर के दो मुख्य संचालक भागे हुए हैं।
एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह के मुताबिक कॉल सेंटर से 12 सीपीयू, 15 लैपटॉप, 2 मॉडम, 17 हेडफोन, 21 माउस, 20 लैपटॉप चार्जर, 7 वीजीए केबल, 8 डेबिट/क्रेडिट कार्ड और तीन मोबाइल फोन मिले हैं। काल सेंटर के दो मुख्य संचालक अभिषेक पांडेय और रौनक त्रिपाठी हैं। अभिषेक पांडेय व रौनक त्रिपाठी विदेशी लोगों का डाटा जुटाते थे। अच्छी इंग्लिश बोलने वाले लड़के व लड़कियों को इंटरव्यू के माध्यम से कॉल सेंटर में नौकरी पर रखा जाता था। इसके बाद टेली कॉलर फर्जी विदेशी नाम से विदेशी नागरिकों को कॉल कर हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर और कई योजनाओं में सब्सिडी देने के संबंध में बात करते थे।
जो लोग जाल में फंस जाते थे उनकी कॉल को विदेश में ही बैठे जालसाजों के एजेंटों को फारवर्ड कर दी जाती थी। इसके बाद जालसाज लालच देकर विदेशी नागरिकों से रुपये ठगते थे। ठगी का सारा पैसा अभिषेक पांडेय के बैंक खाते में आता है। अभिषेक सबको काम के हिसाब से पैसा देता है। एसटीएफ अब अभिषेक और रौनक की तलाश में जुटी हैं। सीओ दीपक कुमार ने बताया कि गैंग के कुछ गुर्गे अमेरिका में है। गैंग अधिकतर यूएस के लोगों को शिकार बनाता है।
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एसटीएफ के डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह के मुताबिक कॉल सेंटर से 12 सीपीयू, 15 लैपटॉप, 2 मॉडम, 17 हेडफोन, 21 माउस, 20 लैपटॉप चार्जर, 7 वीजीए केबल, 8 डेबिट/क्रेडिट कार्ड और तीन मोबाइल फोन मिले हैं। काल सेंटर के दो मुख्य संचालक अभिषेक पांडेय और रौनक त्रिपाठी हैं। अभिषेक पांडेय व रौनक त्रिपाठी विदेशी लोगों का डाटा जुटाते थे। अच्छी इंग्लिश बोलने वाले लड़के व लड़कियों को इंटरव्यू के माध्यम से कॉल सेंटर में नौकरी पर रखा जाता था। इसके बाद टेली कॉलर फर्जी विदेशी नाम से विदेशी नागरिकों को कॉल कर हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर और कई योजनाओं में सब्सिडी देने के संबंध में बात करते थे।
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जो लोग जाल में फंस जाते थे उनकी कॉल को विदेश में ही बैठे जालसाजों के एजेंटों को फारवर्ड कर दी जाती थी। इसके बाद जालसाज लालच देकर विदेशी नागरिकों से रुपये ठगते थे। ठगी का सारा पैसा अभिषेक पांडेय के बैंक खाते में आता है। अभिषेक सबको काम के हिसाब से पैसा देता है। एसटीएफ अब अभिषेक और रौनक की तलाश में जुटी हैं। सीओ दीपक कुमार ने बताया कि गैंग के कुछ गुर्गे अमेरिका में है। गैंग अधिकतर यूएस के लोगों को शिकार बनाता है।
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