विधान भवन के सामने पद्मश्री अरुणिमा की बहन व बहनोई ने की आत्मदाह की कोशिश, लगाए ये आरोप
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लखनऊ में विधान भवन के सामने गुरुवार सुबह पद्मश्री पर्वतारोही डॉ. अरुणिमा सिन्हा की बहन व बहनोई ओमप्रकाश ने आत्मदाह करने की कोशिश की। गनीमत रही कि दंपती ने जैसे ही अपने ऊपर मिट्टी का तेल उड़ेला पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ लिया। पहले दंपती को कोतवाली ले गए। इसके बाद सिविल अस्पताल में भर्ती कराया।
दंपती ने पर्वतारोही अरुणिमा और सरोजनीनगर पुलिस पर कई आरोप लगाए। पुलिस जांच कर रही है। प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज धीरेंद्र प्रताप कुशवाहा के मुताबिक, पहले अरुणिमा भी सरोजनीनगर निवासी बहन व बहनोई संग रहती थी। शादी के बाद अरुणिमा अपने परिवार संग रहने लगीं।
इस दौरान अरुणिमा ने दो कंपनियां बनाईं। इसमें ओमप्रकाश का भी 50 फीसदी हिस्सा था। आरोप है कि 2017 में अरुणिमा ने फरीदाबाद निवासी गौरव से शादी की थी। इसके बाद अरुणिमा ने कंपनी से ओमप्रकाश को निकाल दिया।
अरुणिमा ने बहन व बहनोई के खिलाफ दर्ज कराया था मुकदमा
आरोप है कि 25 जनवरी को वह सैनिक नगर सोसाइटी के मकान से टहलने निकले थे। इस दौरान गौरव ने उन पर हमला करवा दिया। ओमप्रकाश ने सरोजनीनगर थाने में तहरीर दी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। प्रभारी निरीक्षक हजरतगंज धीरेंद्र के मुताबिक, अरुणिमा की तरफ से बहन व बहनोई के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
जिसकी जांच की जा रही है। ओमप्रकाश व उनकी पत्नी के आत्मदाह की सूचना सरोजनीनगर पुलिस को दी गई है। प्रभारी निरीक्षक सरोजनीनगर प्रमेंद्र सिंह के मुताबिक, ओमप्रकाश व उसकी पत्नी से बातचीत की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।
अरुणिमा सिन्हा का कहना है कि आरोप निराधार है। कंपनी में हिस्सेदारी की बात गलत है। वह कंपनी में थे। लेकिन अपने पद का दुरुपयोग किया। जिसकी जानकारी होने के बाद उनको निकाल दिया गया। वह सिर्फ अपने लाभ के लिए मेरी शादी नहीं होने देना चाहते थे। उनको डर था कि शादी के बाद अपने परिवार को आर्थिक लाभ दूंगी। मेरी संपत्ति हड़पने के लिए वह सारी साजिश रच रहे हैं।