लखनऊ में निलंबित सिपाही पर बरसाईं गोलियां, हालत गंभीर
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दो महीने पहले बाजारखाला में रिक्शा चालक की पिटाई के आरोप में पुलिस अधीक्षक ने उसे निलंबित कर दिया था। बुधवार शाम उसने कृष्णानगर कोतवाली में तैनात सिपाही संदीप व अपने दोस्त विजय लंगड़ा के साथ शराब पी। रात साढ़े आठ बजे तीनों भोलाखेड़ा में सर्वांगीण पुलिया के पास ठेले पर रोल खा रहे थे। इसी दौरान आशीष के घर के पास रहने वाला विजय आ गया।
वह रिक्शा चलवाता है। दो दिन पहले उसके रिक्शा चालक प्रमोद से आशीष का झगड़ा हो गया था। बुधवार रात आशीष को देखकर विजय झगड़ा करने लगा। गाली-गलौज पर तीनोंने विरोध किया। इस पर विजय चला गया और कुछ देर बाद असलहा लेकर लौटा और आशीष पर फायर कर दिए।
एक गोली आशीष के माथे और दूसरी उसके सीने पर दागी। गोलियां चलने से भगदड़ मच गई। संदीप और विजय लंगड़ा ने विजय को पकड़ने की कोशिश की। धक्का-मुक्की के दौरान उसके हाथ से तमंचा छूटकर नहर में जा गिरा। संदीप की सूचना पर पहुंची पुलिस आशीष को ट्रॉमा सेंटर ले गई। पुलिस संदीप और विजय लंगड़ा को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। साथ ही वारदात में इस्तेमाल तमंचा बरामद कर लिया गया है।
शराब पीकर की थी ई-रिक्शा चालक की पिटाई
आशीष के खिलाफ उपनिरीक्षक राकेश चौरसिया ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी।अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सर्वेश कुमार मिश्रा ने बताया कि आशीष के पिता शिवकुमार सिंह भी उपनिरीक्षक हैं और वर्तमान में अंबेडकरनगर में तैनात हैं। फिलहाल वह प्रधानमंत्री के कार्यक्रम की सुरक्षा ड्यूटी के लिए लखनऊ आए हैं। आशीष के परिवार में पत्नी सिमरन, एक बेटी और एक बेटा है।