{"_id":"5bd2cd11bdec2269625f5bd6","slug":"man-locked-child-in-car","type":"story","status":"publish","title_hn":"मासूम बच्चे को कार में भूल इलाज कराने गया युवक, लौटा तो इस हाल में देख रह गया सन्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मासूम बच्चे को कार में भूल इलाज कराने गया युवक, लौटा तो इस हाल में देख रह गया सन्न
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 26 Oct 2018 01:45 PM IST
विज्ञापन
डेमो
लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल की ओपीडी में बृहस्पतिवार दोपहर एक व्यक्ति बच्चे को कार में लॉक कर डॉक्टर के पास चला गया। तेज धूप के कारण बच्चे को सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उसके रोने की आवाज सुनकर कर्मचारियों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मशक्कत के बाद बच्चे को बाहर निकाला।
हजरतगंज निवासी सुमित श्रीवास्तव दोपहर में एक महिला का इलाज कराने अपनी कार से बलरामपुर अस्पताल आए थे। ओपीडी परिसर में धूप में कार खड़ी करके चले गए। मगर डेढ़ साल के बच्चे को कार में ही भूल गए। गर्मी-उमस से बेहाल बच्चा बिलखने लगा।
कर्मचारियों ने शीशा खोलने की कोशिश की, मगर कामयाब नहीं हुए। पुलिस ने किसी तरह शीशा नीचे करके गेट का लॉक खोला। कुछ देर बाद पहुंचे सुमित को पुलिस ने हिदायत देकर बच्चा उनके सुपुर्द किया। सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया कि चारों तरफ से गेट बंद होने पर ऑक्सीजन की मात्रा खत्म होते ही कार में कार्बन डाई ऑक्साइड बन जाती है। इससे बच्चे का दम घुट सकता था।
विज्ञापन
विज्ञापन
हजरतगंज निवासी सुमित श्रीवास्तव दोपहर में एक महिला का इलाज कराने अपनी कार से बलरामपुर अस्पताल आए थे। ओपीडी परिसर में धूप में कार खड़ी करके चले गए। मगर डेढ़ साल के बच्चे को कार में ही भूल गए। गर्मी-उमस से बेहाल बच्चा बिलखने लगा।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने शीशा खोलने की कोशिश की, मगर कामयाब नहीं हुए। पुलिस ने किसी तरह शीशा नीचे करके गेट का लॉक खोला। कुछ देर बाद पहुंचे सुमित को पुलिस ने हिदायत देकर बच्चा उनके सुपुर्द किया। सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आशुतोष दुबे ने बताया कि चारों तरफ से गेट बंद होने पर ऑक्सीजन की मात्रा खत्म होते ही कार में कार्बन डाई ऑक्साइड बन जाती है। इससे बच्चे का दम घुट सकता था।
विज्ञापन