जीजा ने की साले की हत्या फिर पश्चाताप करने पहुंचा पूर्णागिरि
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बीते दिनों लखनऊ के चिनहट इलाके में मिली एक युवक की लाश की गुत्थी सुलझ गई है। ये हत्या मृतक के बहनोई ने की थी।
गाजीपुर थाना क्षेत्र में रहने वाले सदाशिव मिश्रा की हत्या उसके बहनोई ने आकाश ओझा अपने दोस्त की मदद से संपत्ति के लालच में की थी। चिनहट इलाके में स्कूल के पास शव फेंका और पश्चाताप करने पूर्णागिरि चला गया, जहां से नशे में धुत होकर लौटे आकाश को पुलिस ने शुक्रवार दोपहर गिरफ्तार कर वारदात में इस्तेमाल कार बरामद की है।
फरार दोस्त की सरगर्मी से तलाश की जा रही है। एसएसपी राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि गाजीपुर थाने के सर्वोदयनगर निवासी सदाशिव मिश्रा (32) की हत्या करके शव चिनहट के न्यू विजडम वे प्रोग्रेसिव इंटर कॉलेज के पास फेंके जाने के मामले में उसके बहनोई आकाश ओझा को एसओ सुरेश कुमार यादव की टीम ने शुक्रवार दोपहर गिरफ्तार कर लिया है।
उसने कुबूला कि संपत्ति के लालच में अपने दोस्त रमाकांत शुक्ला की मदद से 30 जनवरी की रात सदाशिव की गोली मारकर हत्या की और शव स्कूल के पास फेंका था।
सास-ससुर की कई साल पहले मौत हो चुकी है। छोटा साला अनुराग मिश्रा डेढ़ साल से लापता है। पैतृक संपत्ति में उसकी पत्नी अनुराधा का भी हिस्सा है, लेकिन सदाशिव हिस्सा नहीं देना चाहता था। पूरा मकान हड़पने के लिए उसकी हत्या की साजिश रची थी।
खून से सने सीट कवर को लगाया ठिकाने
आकाश ने कुबूला कि सदाशिव को 30 जनवरी की रात 9:30 बजे अयोध्या घुमाने के बहाने कार में बैठाया। दोस्त रमाकांत पहले से साथ में था।
इसके बाद कार में शराब पी और चिनहट में सुनसान देखकर रमाकांत ने सदाशिव की कनपटी पर गोली मार दी। दोनों लोगों ने स्कूल के पास सड़क किनारे शव फेंका।
खून से सने सीट कवर को रास्ते में फेंका और विश्वासखंड स्थित न्यू इंडिया मोटर गैराज पर कार खड़ी करके दोनों आरोपी भाग निकले।
एएसपी ट्रांसगोमती जयप्रकाश ने बताया कि आकाश व रमाकांत टैंपो से स्टेशन को निकले और शराब पीने के बाद पूर्णागिरि के लिए ट्रेन पर सवार हो गए। आकाश का कहना है कि ट्रेन से पीलीभीत गए और आगे की यात्रा बस से की। साले की हत्या का पश्चाताप करने वे पूर्णागिरि दर्शन करने गए थे।
जायजा लेने पहुंचा तो चढ़ा पुलिस के हत्थे
इसके बाद पूर्णागिरि देवी के दर्शन किए और बुधवार को लखनऊ लौट आए। नशा उतरने पर टोह लेने निकला। पता चला कि शव की शिनाख्त हो गई है और पुलिस उसे तलाश कर रही है। इस पर घर जाने के बजाय विभिन्न स्थानों पर भटका और शुक्रवार को चिनहट में जायजा लेने गया था, जहां पुलिस ने उसे दबोच लिया।
सीओ गोमतीनगर सत्यसेन यादव ने बताया कि कंस्ट्रक्शन के काम में मजदूरों की ठेकेदारी करने वाले आकाश ओझा का दोस्त रमाकांत सिक्योरिटी गार्ड की सप्लाई का काम करता है।
रमाकांत से सदाशिव की भी नजदीकी थी। हरदोई के संडीला क्षेत्र का मूलनिवासी रमाकांत चिनहट इलाके में रहता था। मोबाइल का लोकेशन ट्रेस करके उसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस ने हत्थे चढ़े आकाश ओझा पर डेढ़ साल से लापता अनुराग के भी कत्ल का अंदेशा जताते हुए पूछताछ शुरू की। लापता होने के पांच महीने बाद गुमशुदगी दर्ज कराना पुलिस अफसरों को खटक रहा था।
अनुराग को अपना दोस्त बताते हुए आकाश बोला कि वह जीवित है। एसएसपी ने अनुराग की गुमशुदगी के मुकदमे की नए सिरे से तहकीकात के आदेश दिए।