बेटों की बनाई शराब पीकर चल बसा घसीटे, मिलेगा मुआवजा?
लखनऊ के मलिहाबाद में बनने वाली जहरीली शराब से अब तक करीब 50 लोगों की मौत हो चुकी है। जहरीली शराब ने दतली और खड़ता को पिछले एक दशक में विधवाओं का गांव बना दिया।
बीते दिनों मलिहाबाद जहरीली शराब से एक के बाद एक हुई मौतों के बाद शासन से लेकर प्रशासन तक में अफरातफरी है। इस मामले के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया साथ ही पीड़ितों की मदद और मुआवजा देने की कवायद जारी है।
दतली निवासी घसीटे अपने बेटों के हाथों बनी शराब पीकर ही मौत के मुंह में चला गया। अब गांव में चर्चा है कि घसीटे के परिवारीजनों को मुआवजा मिलेगा या नहीं?
जांच के बाद होगा फैसला
अफसरों का कहना है कि यह जांच का विषय है। फिलहाल मुआवजे की धनराशि लेने के लिए उसके परिवार का कोई सदस्य मिल ही नहीं रहा है।
घसीटे जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी जगनू का चचेरा भाई था। उसके तीन बेटे जगदीश उर्फ गटरू, भूपेंद्र उर्फ भूरे व कल्लू भी जगनू के साथ मिलकर शराब बनाते थे।
यही शराब पीकर घसीटे ने दम तोड़ा था। घसीटे को लेकर गांव के 90 फीसदी ग्रामीणों का मानना है कि वह जहरीली शराब बनाकर तबाही मचाने वालों के परिवार का सदस्य है इसलिए मुआवजा नहीं मिलना चाहिए।
एएसपी ग्रामीण हबीबुल हसन का कहना है कि यह जांच के बाद ही तय होगा कि घसीटे दोषी है या नहीं।