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Madurai Train Fire: आग का शोर सुनते ही नंगे पांव बदहवास भागे, महिला ने बयां की भयावह आपबीती, ईश्वर की कृपा...
Mon, 28 Aug 2023 09:52 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 28 Aug 2023 09:52 AM IST
सार
लखनऊ से रामेश्वरम जा रही ट्रेन के प्राइवेट पार्टी कोच में शनिवार तड़के मदुरै रेलवे स्टेशन के पास आग लग गई। इस आग में झुलसकर 9 लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही इस हादसे में 20 से ज्यादा लोग झुलस गए है।
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Madurai Train Fire
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मदुरै ट्रेन हादसे में सकुशल बचे यात्री भी रविवार को लखनऊ पहुंचे। गोमतीनगर विस्तार निवासी सीता सिंह रविवार दोपहर की फ्लाइट से लखनऊ पहुंचीं। उन्हें एयरपोर्ट पर लेने के लिए दोनों बेटे मोहित और रोहित व बहुएं नेहा और एकता पहुंची थीं। उनके चेहरे पर भय दिख रहा था, पर सुकून मिला जब सामने बेटे और बहुओं को देखा।
बेटे मोहित बोले- मोहल्ले के कई लोग तीर्थयात्रा पर जा चुके थे, इस बार मम्मी ने फैसला किया जाने का। सीता सिंह ने बताया कि वे चार बजे सुबह उठ जाती हैं, उस दिन भी उठ गई थीं। तभी आग-आग आ शोर मचा। चप्पल वहीं छोड़ी और सामने हैंडबैग दिखा तो बदहवास सी उसे लेकर निकल पड़ीं। हालांकि इस बीच दरवाजा खोलने में समय लग रहा था। निश्चित तौर पर मौत को बहुत करीब से देखा हमने।
मदुरै हादसा : ईश्वर की कृपा है...मम्मी-पापा सकुशल लौट रहे
ईश्वर की कृपा है कि मम्मी-पापा सकुशल लौट रहे हैं। हमारे लिए ये किसी दिवाली से कम नहीं, ईश्वर का जितना भी धन्यवाद करें कम है। ये कहते हुए अंकित की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। रूंधे गले से उन्होंने मम्मी-पापा से हुई बातचीत विस्तार से बताना शुरू किया। रविवार रात दोनों की वापसी हुई।
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आलमबाग निवासी अंकित ने बताया कि पापा रिटायर हैं और एक छोटी सी दुकान संभालते हैं और वे प्राइवेट जॉब करते हैं। अंकित ने बताया कि शनिवार सुबह 9.30 बजे ही मम्मी-पापा के सुरक्षित होने का समाचार मिल चुका था। मम्मी-पापा का मोबाइल फोन ट्रेन में ही छूट गया था।
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बेटे मोहित बोले- मोहल्ले के कई लोग तीर्थयात्रा पर जा चुके थे, इस बार मम्मी ने फैसला किया जाने का। सीता सिंह ने बताया कि वे चार बजे सुबह उठ जाती हैं, उस दिन भी उठ गई थीं। तभी आग-आग आ शोर मचा। चप्पल वहीं छोड़ी और सामने हैंडबैग दिखा तो बदहवास सी उसे लेकर निकल पड़ीं। हालांकि इस बीच दरवाजा खोलने में समय लग रहा था। निश्चित तौर पर मौत को बहुत करीब से देखा हमने।
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मदुरै हादसा : ईश्वर की कृपा है...मम्मी-पापा सकुशल लौट रहे
ईश्वर की कृपा है कि मम्मी-पापा सकुशल लौट रहे हैं। हमारे लिए ये किसी दिवाली से कम नहीं, ईश्वर का जितना भी धन्यवाद करें कम है। ये कहते हुए अंकित की आंखों से खुशी के आंसू छलक पड़े। रूंधे गले से उन्होंने मम्मी-पापा से हुई बातचीत विस्तार से बताना शुरू किया। रविवार रात दोनों की वापसी हुई।
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आलमबाग निवासी अंकित ने बताया कि पापा रिटायर हैं और एक छोटी सी दुकान संभालते हैं और वे प्राइवेट जॉब करते हैं। अंकित ने बताया कि शनिवार सुबह 9.30 बजे ही मम्मी-पापा के सुरक्षित होने का समाचार मिल चुका था। मम्मी-पापा का मोबाइल फोन ट्रेन में ही छूट गया था।
मम्मी को नानी का नंबर याद था। मम्मी ने उन्हें फोन किया और नानी ने हमें सूचना दी। इसके बाद मैंने मम्मी से बात की। अंकित ने कहा कि मम्मी तो अक्सर घूमने व तीर्थयात्रा पर जाती रहती हैं। इस बार उन्होंने पापा के साथ जाने की योजना बनाई थी।
पहली बार पापा के साथ तीर्थयात्रा पर जाने की योजना बनाई
अंकित ने कहा कि मम्मी अक्सर घूमने व तीर्थयात्रा पर जाती रहती हैं। इस बार उन्होंने पापा के साथ जाने की योजना बनाई थी। घटना के बारे में हमने बहुत ज्यादा पूछा नहीं और वे बहुत ज्यादा बताने की स्थिति में भी नहीं थे।
अंकित ने कहा कि मम्मी अक्सर घूमने व तीर्थयात्रा पर जाती रहती हैं। इस बार उन्होंने पापा के साथ जाने की योजना बनाई थी। घटना के बारे में हमने बहुत ज्यादा पूछा नहीं और वे बहुत ज्यादा बताने की स्थिति में भी नहीं थे।
सबकी आंखें नम कर गईं मोहल्ले की बड़ी ताई और हिमानी
दिनभर गुलजार रहने वाली चौक की बान वाली गली रविवार को कुछ शांत सी थी। शाम पांच बजे यह सन्नाटा तब टूटा जब मुदरै में चेन्नई स्पेशल ट्रेन के कोच में आग लगने से जान गंवाने वाली मनोरमा अग्रवाल और उनकी पोती हिमानी के शव पहुंचे। इसके साथ ही हर तरफ से सिसकने और रोने की आवाज आने लगी।
दिनभर गुलजार रहने वाली चौक की बान वाली गली रविवार को कुछ शांत सी थी। शाम पांच बजे यह सन्नाटा तब टूटा जब मुदरै में चेन्नई स्पेशल ट्रेन के कोच में आग लगने से जान गंवाने वाली मनोरमा अग्रवाल और उनकी पोती हिमानी के शव पहुंचे। इसके साथ ही हर तरफ से सिसकने और रोने की आवाज आने लगी।
मनोरमा के बेटे व हिमानी के पिता मनोज अग्रवाल, उनकी पत्नी प्रीति और बेटा शिवम शव देखते ही फूट-फूट कर रोने लगे। रिश्तेदार और पड़ोसी ढांढस बंधा रहे थे, पर तीनों को संभालना मुश्किल था। शिवम बिलखते हुए बस यही पूछ रहा था कि अब कौन उसे राखी बांधेगा। करीब 20 मिनट तक दोनों शव घर के बाहरी हिस्से में रखे गए, जहां लोगों ने मनोरमा व हिमानी के अंतिम दर्शन किए।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। उन्होंने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा देते हुए दो-दो लाख रुपये की आर्थिक मदद दी। इसके बाद शवों को गोमती तट स्थित गुलाला घाट ले जाया गया, जहां मनोज अग्रवाल ने मुखाग्नि दी। इस दुख की घड़ी में पार्षद अनुराग मिश्रा और पूर्व पार्षद राजकुमार सिंह राजा भी पूरे समय पीड़ित परिवार साथ रहे।
9 लोगों की झुलसकर हुई मौत
दरअसल, लखनऊ से रामेश्वरम जा रही ट्रेन के प्राइवेट पार्टी कोच में शनिवार तड़के मदुरै रेलवे स्टेशन के पास आग लग गई। इस आग में झुलसकर 9 लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही इस हादसे में 20 से ज्यादा लोग झुलस गए है। आग टूरिस्ट कोच में लगी थी। दक्षिणी रेलवे ने अवैध रूप से ले जाए गए गैस सिलेंडर को हादसे की वजह बताया है। इस बीच मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा भी की गई है।
दरअसल, लखनऊ से रामेश्वरम जा रही ट्रेन के प्राइवेट पार्टी कोच में शनिवार तड़के मदुरै रेलवे स्टेशन के पास आग लग गई। इस आग में झुलसकर 9 लोगों की मौत हो गई है। इसके साथ ही इस हादसे में 20 से ज्यादा लोग झुलस गए है। आग टूरिस्ट कोच में लगी थी। दक्षिणी रेलवे ने अवैध रूप से ले जाए गए गैस सिलेंडर को हादसे की वजह बताया है। इस बीच मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा भी की गई है।