पहले कन्नी-तसला तो धो लें...
बुजुर्ग हो गए मिस्त्री के हुनर की आज भी दाद दी जाती है। वे अपने औजारों से यहां की नींव मजबूत करने के लिए सीमेंट मिले गारे का लेप लगा रहे हैं।
पिछले दिनों उन्होंने अपने सहयोगियों के साथ रणनीति बनाने के लिए दो दिवसीय बैठक की और जरूरी निर्देश भी दिए।
बैठक में सहयोगी काफी पहले पहुंच गए, लेकिन मिस्त्रीजी काफी देर तक न आए तो वहां बैठे लोग काफी उकता गए।
बाद में कुछ लोग आपस में फुसफुसाए, ‘...लगता है मिस्त्रीजी अपनी कन्नी-तसला धो रहे हैं। जब तक उनके औजार धुल नहीं जाएंगे वे यहां नहीं आएंगे।’