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'पद्मश्री अब मांगा जाता है, लोग आवेदन करते हैं'

Fri, 05 Feb 2016 01:46 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ Updated Fri, 05 Feb 2016 01:46 AM IST
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M S Sathew says people do apply for Padma award.

'पद्मश्री अब मांगा जाता है, इसके लिए लोग आवेदन करते हैं। यह तो अवार्ड मांगने जैसी बात है।'

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यह कहना है गूगल रीयूनियन एड के किरदार यूसुफ और फिल्म निर्देशक एमएस सथ्यू का, जो बृहस्पतिवार को कैफी आजमी अकादमी में इप्टा के ‘फिल्म और सामाजिक सरोकार’ विषय पर बात कर रहे थे।

एमएस सथ्यू का कहना है कि गूगल के एड में लाहौर के यूसुफ के किरदार से मुझे काफी प्रशंसा मिली। इसके बाद मोदी की विज्ञापन टीम ने मुझसे संपर्क किया। वह चाहते थे कि मैं मुंह मांगी कीमत पर उनके प्रचार विज्ञापन में काम करूं, लेकिन यह मेरे आदर्शों के खिलाफ होता। क्योंकि मेरी राजनीतिक विचारधारा नरेंद्र मोदी से नहीं मिलती।
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मैं अपने आदर्शों से समझौता नहीं कर सकता। इसलिए ही मैं कई दूसरे असाइनमेंट भी रीयूनियन एड के बाद भी नहीं कर सका।

11 महीने तक लटकी रही फिल्म 'गरम हवा'

M S Sathew says people do apply for Padma award.

फिल्मों में सेंसरशिप पर उनका कहना था कि ‘गरम हवा’ 1973 में बन चुकी थी। इसके बाद 11 महीने तक इसे रिलीज करने का सर्टिफिकेट नहीं मिला। इंदिरागांधी के बेटों राजीव और संजय को मैं क्राफ्ट पढ़ाता था।

उनसे नजदीकी रिश्तों के बाद भी तत्कालीन सूचना एवं प्रसारण मंत्री इंद्र कुमार गुजराल ने अनुमति देने में काफी वक्त लगा दिया।

कांस, ऑस्कर में प्रदर्शित होने के बाद ‘गरम हवा’ को 1974 में रिलीज किया जा सका। बात यहीं खत्म नहीं हुई। रिलीज से एक दिन पहले शिवसेना सुपर सेंसरशिप के रूप में सामने आ गई।

बाल ठाकरे ने खुद फिल्म को फर्स्ट शो से पहले दूसरे सिनेमाघर में देखा। इसके बाद फिल्म चल पाई। आज भी शिवसेना अपने सुपर सेंसरशिप के रूप में बनी हुई है।

बैंकों की वजह से आत्महत्या कर रहे किसान

M S Sathew says people do apply for Padma award.

किसानों की जिंदगी पर गिरिजा कत्याणम् जैसे नाटक का निर्देशन कर चुके एमएस सथ्यू का कहना है कि बैंक लोन देते समय जानकारी इतने छोटे फॉन्ट में देते हैं कि लोग उसे लैंस लगाकर भी नहीं पढ़ सकते। इसके बाद लोन की वसूली में बेरहमी होती है। किसान कई बार तो दबाव में आकर आत्महत्या कर लेता है। यह पूरे देश में हो रहा है।

एनसीईआरटी पढ़ाएगा ‘गरम हवा’
एमएस सथ्यू ने बताया कि एनसीईआरटी ने हाल ही में पाथेर पांचाली, गरम हवा सहित पांच फिल्मों का चयन किया है। यह 12वीं तक की कक्षाओं में एक विषय के रूप में पढ़ाई जाएंगी। यह हमारे लिए बड़ी सफलता है।

फोन करके पद्मश्री लेने के बारे में पूछा गया

1975 में पद्मश्री पा चुके एमएस सथ्यू का कहना है कि मुझे खुद इंद्र कुमार गुजराल का फोन आया। उन्होंने पूछा कि हम आपको पद्मश्री देना चाहते हैं। क्या आप ग्रहण करेंगे? गरम हवा की रिलीज होने में उन्होंने मेरी काफी मदद की थी। इसके बाद मैंने हां कर दी।

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