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लखनऊ : वोक इंफ्रा कंपनी ने की कुटुंब रेजीडेंसी के नाम पर रियल एस्टेट कंपनी खोलकर 90 लाख की ठगी करने वाला गिरफ्तार
Fri, 19 Nov 2021 10:53 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 19 Nov 2021 10:53 PM IST
सार
पुलिस के मुताबिक इसने पांच साल पहले विनयखंड इलाके में कंपनी खोली थी। चार महीने पहले उसके खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज किया गया था। तभी से वह फरार चल रहा था।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
गोमतीनगर पुलिस ने शुक्रवार को ईवोक इंफ्रा नाम से रियल एस्टेट कंपनी खोलकर 90 लाख रुपये ठगने वाले जालसाज को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया जालसाज कंपनी का निदेशक है। पुलिस के मुताबिक इसने पांच साल पहले विनयखंड इलाके में कंपनी खोली थी। चार महीने पहले उसके खिलाफ ठगी का मुकदमा दर्ज किया गया था। तभी से वह फरार चल रहा था।
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प्रभारी निरीक्षक गोमतीनगर केशव कुमार तिवारी के मुताबिक जानकीपुरम विस्तार निवासी राम शब्द राम जमीन खरीदना चाहते थे। पांच साल पहले जुलाई में विनय खंड स्थित ईवोक इंफ्रा के बारे में जानकारी मिली। कंपन के निदेशक सुशांत गोल्फ सिटी निवासी सुनील तिवारी व प्रदीप तिवारी है। कंपनी के कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने सुनील से मुलाकात की। सुनील ने बक्कास में कुटुंब रेजीडेंसी के नाम से कालोनी बनाने की बात कही थी। सुनील ने बताया कि जमीन की रकम किस्तों में दी जा सकती है। रामशब्द ने जमीन खरीदने को तैयार हुआ। करीब एक साल तक ईवोक कंपनी के खाते में साढ़े सात लाख रुपये जमा किए थे। लेकिन उन्हें जमीन पर कब्जा नहीं दिया गया।
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इस बीच विनयखंड स्थित कार्यालय का पता भी बदल गया। काफी लोगों से पूछताछ की गई तो पता चला कि विरामखंड में कार्यालय खोल रखा है। वहां पहुंच कर सुनील से मुलाकात की थी। सुनील ने जल्द ही काम पूरा कराने के बाद कब्जा देने और रजिस्ट्री करने की बात कही थी। लेकिन बाद में रजिस्ट्री करने से इंकार कर दिया। छानबीन करने पर रामशब्द को पता चला कि उनकी तरह ही कई लोगों से आरोपियों ने करीब 90 लाख रुपये की ठगी की है।
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ठगों से रुपये निकालने के प्रयास लेकिन कोई फायदा नहीं मिला। परेशान रामशब्द ने गोमतीनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मिलते ही सुनील तिवारी व उसके साथी कार्यालय बंद कर फरार हो गये। एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव के मुताबिक सुनील के अलावा प्रदीप तिवारी, आलोक शुक्ला, शिवम सोनी, मनीष शर्मा, प्रभात पांडेय और विजय यादव के खिलाफ मुकदमा दर्ज है। इन सभी की तलाश की जा रही है।