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Lucknow News: कॉलेजों को विषय के हिसाब से लेने होंगे दाखिले

Mon, 20 Mar 2023 02:11 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 20 Mar 2023 02:11 AM IST
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lucknow university
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय अपने सहयुक्त कॉलेजों पर विषय के हिसाब से दाखिले न करने पर सख्ती करने जा रहा है। नए सत्र में सभी कॉलेजों को दाखिले के लिए तय कुल सीटों के बजाय हर विषय में तय सीट के हिसाब से ही दाखिले लेने होंगे। ऐसा न करने पर उनके दाखिले अमान्य हो जाएंगे।
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पिछले कुछ समय से देखा गया है कि कई कॉलेज विषय के बजाय कुल सीटों के हिसाब से ही दाखिले ले लेते हैं। इसकी वजह से किसी विषय में सौ दाखिले हो जाते हैं तो कुछ में दस दाखिले भी नहीं हो पाते हैं। इसकी वजह से परीक्षा और पढ़ाई दोनों में समस्या का सामना करना पड़ता है। लविवि स्नातक स्तर पर सीट के बजाय विषय के हिसाब से दाखिले लेता है। आमतौर पर एक बार में एक सेक्शन की मान्यता दी जाती है। हर सेक्शन में 60 सीटें मानी जाती हैं। इसके तहत एक बार में बीए में न्यूनतम तीन विषय की मान्यता दी जाती है। तीनों विषय में 60-60 से ज्यादा दाखिले नहीं होने चाहिए। यानी कि कुल दाखिले 60 होंगे और हर बच्चे को तीन-तीन विषय लेने होंगे। समस्या तब खड़ी होती है, जब कॉलेज में तीन से ज्यादा विषय होते हैं। ऐसी स्थिति में देखा गया है कि कॉलेज सिर्फ पसंद किए जाने वाले विषयों में ही ज्यादातर दाखिले ले लेते हैं। उदाहरण के तौर पर अगर कॉलेज में बीए की 180 सीटें हैं और कुल पांच विषय हैं तो किसी भी विषय में 60 से ज्यादा दाखिले नहीं होने चाहिए। इसके बजाय देखा यह गया है कि किसी विषय में 150 दाखिले ले लिए गए तो किसी में महज 30 सीटें ही भरीं। इस स्थिति में कुल दाखिले तो 180 होंगे लेकिन एक विषय की सीट खाली पड़ी रहेगी। इसकी वजह से पढ़ाई कराने में समस्या तो आती ही है, परीक्षा के समय भी मुसीबत हो जाती है। इसे देखते हुए लविवि ने इस पर सख्ती करने का फैसला किया है। अब कॉलेजों को कुल सीट के बजाय हर विषय के हिसाब से ही दाखिला लेना होगा।
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कोविड के समय मिल गई थी छूट

कोविड महामारी के समय कॉलेजों ने कम दाखिले की बात कहते हुए लविवि से विषयवार के बजाय कुल सीट पर दाखिले लेने की अनुमति मांगी थी। विवि प्रशासन ने उस समय इसकी मौखिक सहमति दे दी थी, लेकिन अब विवि प्रशासन इसमें सख्ती करने जा रहा है। अब कॉलेजों को नियम के हिसाब से ही दाखिले लेने होंगे।
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कोट-

कॉलेजों को सीट की मान्यता उनके द्वारा नियुक्त शिक्षक और इंफ्रास्ट्रक्चर को देखते हुए विषयवार दी जाती है। इसलिए उनको दाखिले भी विषय के हिसाब से ही लेने चाहिए। इस साल से आवेदन से पहले लविवि की ओर से यूनिक आईडी आवंटन होना है। इससे विषयवार दाखिलों का पालन कराने में आसानी होगी।
- संजय मेधावी, कुलसचिव लविवि
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