लड़कियों ने बनाया लड़कों का वीडियो, जाने क्या हुआ आगे
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पिछले करीब एक महीने से कुछ छात्रों की छेड़खानी से परेशान लखनऊ विश्वविद्यालय की दो छात्राओं ने आखिरकार हिम्मत करके उनका वीडियो बना करा चीफ प्रॉक्टर को सौंप दिया है।
अब प्रॉक्टोरियल टीम इन लड़कों की शिनाख्त करके कार्रवाई करने की तैयारी में है। बीएससी प्रथम वर्ष की इन छात्राओं के अनुसार वह लड़के खुद को एनडी हॉस्टल का बताकर करीब एक महीने से उनका हर जगह पीछा करने के साथ छींटाकशी कर रहे थे।
चीफ प्रॉक्टर प्रो. निशी पांडेय के पास शिकायत करने पहुंची इन छात्राओं ने इसी साल बीएससी प्रथम वर्ष में प्रवेश लिया है।
तिलक हॉस्टल में रहने वाली छात्रा ने बताया कि लगभग एक महीना पहले जब वह गेट नंबर चार से अपने हॉस्टल की तरफ जा रही थी तो इन शोहदों ने उसे रोककर नाम पूछा लेकिन, वह अनदेखा करके निकल गई।
‘नाम ही तो पूछा है, क्या दिक्कत है’
इसके बाद इनकी हिम्मत इतनी बढ़ गई कि कभी पूछते की तुम्हारे ब्वॉय फ्रेंड कितने हैं तो कभी कहते कि नाम ही तो पूछा है, क्या दिक्कत है। इसके बाद वह धमकी देने पर उतारू हो गए।
एक दिन इन लोगों ने छात्राओं के निकलते समय उन पर खाने-पीने के खाली पैकेट फेंके। एक दिन जब इनमें से हॉस्टल में रहने वाली छात्रा किसी काम से आईटी चौराहे पर गई तो वहां भी उससे छेड़खानी करने लगे। बुधवार को वह अपनी अन्य दोस्तों के साथ टैगोर लाइब्रेरी गईं तो लड़के भी उनका पीछा करते हुए वहां पहुंच गए।
इसके बाद छात्राओं ने मोबाइल से इनका वीडियो बनाना शुरू किया। लड़कों को जैसे ही अंदाजा हुआ कि उनका वीडियो बन रहा है तो वे वहां से भाग खड़े हुए। छात्राओं ने ये वीडियो चीफ प्रॉक्टर को सौंप दिया है।
वीडियो से दोनों लड़कों की पहचान की जा रही है। इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी, लड़कों को बख्शा नहीं जाएगा। छात्राओं को कहा गया है कि वे मेरा मोबाइल नंबर हर समय स्पीड डायल पर लगाकर रखें। छात्राओं ने हिम्मत और समझदारी दिखाकर प्रशंसनीय कार्य किया है।
-प्रो. निशी पांडेय, चीफ प्रॉक्टर, लखनऊ विश्वविद्यालय