LU: लखनऊ विश्वविद्यालय एकेडमिक ऑटोनॉमी के ग्रेड वन में हुआ शामिल, अब चलाए जा सकेंगे डिस्टेंस कोर्स
लखनऊ विश्वविद्यालय को यूजीसी ने एकेडमिक ऑटोनॉमी के ग्रेड 1 में शामिल किया है। इसके बाद अब विश्वविद्यालय को ऑनलाइन और डिस्टेंस कोर्स चलाने की अनुमति मिल गई है।
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नैक में ए प्लस-प्लस ग्रेड के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने लविवि को श्रेणी-1 के विश्वविद्यालय का दर्जा दिया है। इससे एलयू तय शर्तें पूरी करके ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा के पाठ्यकम शुरू कर सकेगा। इसके साथ ही उसे अगले स्तर की शैक्षणिक स्वायत्तता भी मिल जाएगी।
लविवि प्रवक्ता डॉ. दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि भारत में यूजीसी की ओर से मान्यता प्राप्त श्रेणी-1 का संस्थान बनने के कई फायदे हैं। सबसे बड़ा लाभ यूजीसी (मुक्त और दूरस्थ शिक्षा) विनियम 2017 और समय-समय पर हुए संशोधनों के तहत निर्धारित शर्तें पूरी करने पर आयोग की मंजूरी के बिना मुक्त और दूरस्थ शिक्षा मोड में पाठ्यक्रम शुरू कर सकना है। अब लविवि भी यूजीसी की मंजूरी के बिना संबंधित विषयों में नए कोर्स, कार्यक्रम, विभाग और केंद्र शुरू कर सकता है।
इसके अलावा यूजीसी को जानकारी देकर नए डिप्लोमा और प्रमाणपत्र कोर्स शुरू करने, भौगोलिक अधिकार क्षेत्र के अंदर ऑफ-कैंपस केंद्र खोलने, कौशल पाठ्यक्रम शुरू करने, अनुसंधान पार्क-ऊष्मायन केंद्र-विश्वविद्यालय समाज संबंध केंद्र खोलने, विदेशी संकाय को नियुक्त करने, कुल संख्या के मुकाबले 20 फीसदी से ज्यादा विदेशी छात्रों को प्रवेश देने जैसे लाभ मिलेंगे।
कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने कहा, श्रेणी-1 संस्थानों को अधिक शैक्षणिक और प्रशासनिक स्वायत्तता प्राप्त है, जो उन्हें अपने पाठ्यक्रम को डिजाइन करने, प्रशासनिक निर्णय लेने, नवीन कार्यक्रम शुरू करने, विदेशी संकाय नियुक्त करने और वर्तमान संकाय को प्रोत्साहित करने में सक्षम बनाती है। डीन एकेडमिक प्रो. गीतांजलि मिश्रा ने कहा, डीन विश्वविद्यालय पहले से ही ट्विनिंग, संयुक्त और दोहरी डिग्री और ऑनलाइन एवं दूरस्थ शिक्षा जैसे यूजीसी नियमों के अनुरूप नए अभिनव कार्यक्रम शुरू कर रहा था। श्रेणी-1 का दर्जा मिलने के बाद किसी भी नई शुरुआत के लिए औपचारिकताओं की संख्या कम हो जाती है।
स्नातक, परास्नातक कोर्स शुरू करने का प्रस्ताव
लविवि ने नैक में ए प्लस-प्लस ग्रेड मिलने के बाद दूरस्थ और ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव यूजीसी को भेजा था। इसमें स्नातक और परास्नातक दोनों प्रकार के पाठ्यक्रम शामिल हैं। दूरस्थ और ऑनलाइन पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए नैक में सर्वोच्च रैंक की जरूरत होती है। अब जब लविवि को श्रेणी-1 का दर्जा मिल गया है तो उसे पाठ्यक्रम शुरू करने में कोई अड़चन नहीं आएगी।