बड़ी खबरः बाजार में बिक रही हैं लखनऊ यूनिवर्सिटी की मार्क्सशीट
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लखनऊ विश्वविद्यालय की जाली मार्क्सशीट बाजार में बिक रही हैं। पिछले 15 दिनों में बीपीएड व बीए की ऐसी करीब 94 मार्क्सशीट व डिग्रियां जांच में पकड़ी गई हैं। इसको लेकर एलयू के कई बाबुओं की भूमिका संदेह के घेरे में है।
सकते में आए विश्वविद्यालय प्रशासन ने डीन फैकल्टी ऑफ लॉ प्रो. आरआर लॉयल की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी जांच करेगी कि किस तरह एलयू में जालसाजों ने अपना नेटवर्क फैलाया है।
अनुदेशक भर्ती को लेकर लखीमपुर खीरी में एलयू की लगाई गईं बीए की 46 व बीपीएड की 45 मार्क्सशीट व डिग्रियों की जांच को लेकर 13 अप्रैल को वहां के बेसिक शिक्षा अधिकारी ने विश्वविद्यालय से गुजारिश की।
यूनिवर्सिटी ने जब इसकी जांच की तो सब जाली पाई गईं। यही नहीं पिछले हफ्ते लखनऊ के बीएसए कार्यालय में भी बीपीएड की जाली मार्क्सशीट लेकर आईं तीन महिला अभ्यर्थी पकड़ी गई थीं।
ऐसे पहचान सकते हैं नकली मार्क्सशीट
एलयू की मार्क्सशीट साधारण कागज पर बनी होती है। मार्क्सशीट पर सिर्फ यूनिवर्सिटी का मोनोग्राम होता है। इससे मार्क्सशीट बनाना आसान होता है। मार्क्सशीट व डिग्री पर बार कोड नहीं होता।लिहाजा चेकिंग में बच निकलने की पूरी गुंजाइश होती है।एलयू में चेकिंग की व्यवस्था भी मैन्युअल है इसलिए फर्जीवाड़ा करने वाले इसका फायदा उठाते हैं।
जाली डिग्री से नियुक्ति प्राप्त करने वाले 46 अनुदेशकों के खिलाफ लखीमपुर खीरी में बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सोमवार को एफआईआर दर्ज करा दी। विभाग ने बिना सत्यापन कराए ही इन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दे दिया था।