फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow University: Files remain pending even after implementation of e-office

लविवि : ई-ऑफिस लागू होने के बाद भी पत्रावलियां लंबित

Fri, 23 Oct 2026 02:49 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Fri, 23 Oct 2026 02:49 AM IST
विज्ञापन
Lucknow University: Files remain pending even after implementation of e-office
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में अब फाइलों को बेवजह लटकाना अधिकारियों को भारी पड़ सकता है। ई-ऑफिस लागू होने के बावजूद पत्रावलियों के निस्तारण में देरी पर कुलपति प्रो. जय प्रकाश सैनी ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक पत्रावली का निस्तारण अधिकतम तीन कार्यदिवस में करना होगा। तय समयसीमा में कार्रवाई नहीं होने पर संबंधित अधिकारी व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार होंगे और उनके खिलाफ नियमानुसार प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन

विश्वविद्यालय में प्रशासनिक कामकाज को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ई-ऑफिस व्यवस्था लागू की गई थी। इसके बावजूद अधीनस्थ अनुभागों में पत्रावलियां लंबे समय तक पटल सहायकों के पास लंबित हैं। इससे ई-ऑफिस लागू करने के पीछे की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। कुलपति की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, कुलपति कार्यालय या किसी अन्य अनुभाग से पत्रावली प्राप्त होने के बाद संबंधित अधिकारी को अधिकतम तीन कार्यदिवस में अपने स्तर पर जरूरी कार्यवाही पूरी करनी होगी। इसके बाद पत्रावली अनुमोदन के लिए कुलपति कार्यालय वापस भेजनी होगी।
विज्ञापन


आदेश में साफ किया गया है कि काम में लापरवाही और अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पत्रावलियों को बेवजह लंबित रखने के लिए संबंधित अधिकारी का व्यक्तिगत उत्तरदायित्व तय होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने समयबद्ध निस्तारण को सुशासन और पारदर्शी कार्यप्रणाली का अहम हिस्सा बताते हुए अधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन करने को कहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed