Lucknow : दो बहनों ने बिजली कर्मचारियों को दौड़ाया...थाने में किया हंगामा; पति और देवर पर हुइ ये कार्रवाई
लखनऊ में बिजली कनेक्शन लगाने पहुंचे कर्मचारियों को दो बहनों ने ईंट-पत्थर लेकर दौड़ा दिया और बाद में थाने में भी घंटों हंगामा किया। पुलिस ने हिमांशी यादव को जेल भेजा, जबकि उसके पति और देवर पर शांति भंग की कार्रवाई हुई; महिला पर पहले से कई मामले दर्ज हैं।
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लखनऊ में पारा के हंसखेड़ा स्थित गायत्रीपुरम कॉलोनी में सोमवार दोपहर नए मकान पर बिजली कनेक्शन जोड़ने पहुंचे बिजलीकर्मियों को महिला हिमांशी यादव और उसकी बहन आरती ने गाली-गलौज करते हुए ईंट-पत्थर लेकर दौड़ा लिया। आरोप है कि दोनों पहले से लगे पोल से कनेक्शन देने के लिए व्यापारी से 80 हजार रुपये मांग रहीं थीं। घबराए बिजलीकर्मी बिना काम किए लौट गए। इसके बाद थाने पहुंचकर दोनों बहनों ने हंगामा किया। पुलिस ने हिमांशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
गायत्रीपुरम निवासी व्यापार मंडल के वरिष्ठ महामंत्री हिमांशु कुमार गुप्ता ने बताया कि उन्होंने 19 नवंबर को कनेक्शन के लिए आवेदन दिया था और विभाग का एस्टीमेट भी जमा कर दिया था। दोपहर में कनेक्शन जोड़ने पहुंचे बिजली कर्मचारी को हिमांशी और आरती ने रोककर धमकाने के साथ व्यापार मंडल पदाधिकारियों से भी नोकझोंक की।
झूठे मुकदमों व छेड़खानी में फंसाने की धमकी दी
आरोप है कि दोनों ने झूठे मुकदमों व छेड़खानी में फंसाने की धमकी दी। शिकायत के बाद दोनों महिलाएं हंसखेड़ा चौकी पहुंचीं और पुलिसकर्मियों से बहस करने के बाद चौकी के सामने मुख्य सड़क पर स्कूटी खड़ी कर जाम लगाकर बैठ गईं। यहां करीब दो घंटे तक हंगामा करती रहीं। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस उन्हें पारा थाने ले गई, जहां हिमांशी ने पति विनोद यादव व देवर आनंद यादव के साथ मिलकर फिर मारपीट और हंगामा किया। महिला पुलिसकर्मियों से भी धक्का-मुक्की की।
इंस्पेक्टर सुरेश सिंह के अनुसार हिमांशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया, जबकि पति और देवर का शांति भंग में चालान किया गया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।पारा थाने के प्रभारी सुरेश सिंह का कहना है कि हिमांशी यादव 10 अक्तूबर को हंसखेड़ा निवासी अंकिता दुबे से सोने की चेन छीनने के मामले में भी आरोपी हैं। उसके खिलाफ आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।