लखनऊ: धर्मांतरण के आरोपी डॉक्टर के मददगार केजीएमयू के दो प्रोफेसरों पर शक, घंटों बात करने का मिला रिकॉर्ड
Dr. Rameez: किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की छात्रा से दुष्कर्म और धर्मांतरण के मामले में अब दो और डॉक्टरों पर शक की सुई घूम गई है। इस मामले में की जांच जारी है।
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किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की छात्रा से दुष्कर्म और धर्मांतरण के मामले में दो और प्रोफेसर शक के दायरे में आ गए हैं। दोनों प्रोफेसर आरोपी रेजिडेंट डॉ. रमीज मलिक के मददगारों में शामिल रहे। डॉ. रमीज की कॉल डिटेल के आधार पर पता चला है कि दोनों प्रोफेसर रमीज से बहुत ज्यादा बात करते थे।
पुलिस के अलावा केजीएमयू की दो समितियां भी मामले की जांच कर रही हैं। इनमें विशाखा समिति यौन उत्पीड़न और दूसरी समिति डॉ. रमीज के मददगारों की पहचान कर रही है। सात सदस्यीय समिति में पूर्व पुलिस महानिदेशक के साथ ही अन्य डॉक्टर हैं। जांच के दौरान पैथोलॉजी विभाग के डॉक्टरों से सवाल पूछा गया कि आखिर छात्रा के आत्महत्या के प्रयास की घटना के बावजूद उन्होंने इसकी जानकारी प्रशासन को क्यों नहीं दी। पीड़िता पर दबाव बनाकर उसे मामला रफा-दफा करने के लिए क्यों कहा गया।
धर्मांतरण के लिए आरोपी डॉक्टर को मिले 15 लाख रुपये
डॉ. रमीज धर्मांतरण के मामले में रुपयों की लालच के चलते भी शामिल हो सकता है। केजीएमयू में चर्चा है कि फरवरी में हिंदू डॉक्टर से शादी करने के बाद उसे 15 लाख रुपये मिले थे। बताया जा रहा है कि किसी मेडिकोज का धर्मांतरण कराने पर 15 लाख और नॉन मेडिकोज के धर्मांतरण का रेट पांच लाख रुपये है। धर्मांतरण नेटवर्क के माध्यम से यह राशि दी जाती है। वह अन्य रेजिडेंट के धर्मांतरण की साजिश भी रच रहा था।
15 अन्य रेजिडेंट्स के संपर्क में था आरोपी
केजीएयमू में रेजिडेंट डॉक्टर पर शादी से पहले धर्म बदलने का दबाव बनाने के आरोपी डॉ. रमीज मलिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। उसकी पहली पत्नी के बयान के आधार पर उसके माता-पिता को भी धर्मांतरण करवाने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी रेजिडेंट डॉ.रमीज मलिक की पोल तब खुली जब केजीएमयू की ही रेजिडेंट डॉक्टर ने उस पर शादी करने से पहले उस पर धर्म बदलने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। पुलिस ने जब आरोपी डॉक्टर की कॉल डिटेल निकाली तो पता चला कि वह अन्य धर्म की 15 अन्य रेजिडेंट डॉक्टर के संपर्क में था। इसके पीछे असल कहानी धर्मांतरण के बदले मोटी रकम मिलने की भी है।
केजीएमयू में चर्चा है कि दिल्ली निवासी डॉक्टर का धर्मांतरण करवाने के एवज में उसे 15 लाख रुपये मिले थे। नॉन मेडिकोज का धर्मांतरण करवाने पर महज पांच लाख रुपये ही मिलते हैं। इसी वजह से रमीज एक साथ काफी रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था। कॉल डिटेल में सामान्य कामकाज वाले समय के बाद भी इन रेजिडेंट से लंबी बातचीत मिली है।