{"_id":"6aca4bf6459369187c071099","slug":"lucknow-successful-non-invasive-treatment-for-brain-hemorrhage-at-kgmu-patient-recovers-2026-10-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"लखनऊ: केजीएमयू में बिना चीर-फाड़ ब्रेन हैमरेज का सफल इलाज, स्वस्थ हुआ मरीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लखनऊ: केजीएमयू में बिना चीर-फाड़ ब्रेन हैमरेज का सफल इलाज, स्वस्थ हुआ मरीज
Sat, 10 Oct 2026 08:00 PM IST
Ishwar Ashish Bhartiya
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: Ishwar Ashish Bhartiya
Updated Sat, 10 Oct 2026 08:00 PM IST
सार
केजीएमयू में बिना सिर की चीर-फाड़ किए आधुनिक तकनीक से क्षतिग्रस्त नस की मरम्मत की गई। इलाज के बाद मरीज स्वस्थ हो गया।
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विस्तार
बहराइच निवासी 28 वर्षीय युवक की दिमाग की धमनी पर बने गुब्बारे जैसे कमजोर उभार (ब्रेन एन्यूरिज्म) के फटने से ब्रेन हैमरेज हो गया। इससे उसे तेज सिरदर्द, उल्टी और चक्कर आने लगे। जांच में बाईं पिकॉम आर्टरी में ब्लेब फटने की पुष्टि हुई। इसके बाद केजीएमयू में बिना सिर की चीर-फाड़ किए आधुनिक तकनीक से क्षतिग्रस्त नस की मरम्मत की गई।
विज्ञापन
केजीएमयू की इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी लैब में डीएसए मशीन से एंजियोग्राफी कर नस की खराबी का सटीक पता लगाया गया। मरीज की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इलाज में इस्तेमाल होने वाले उपकरण आयुष्मान योजना के सहयोग से उपलब्ध कराए गए।
विज्ञापन
रेडियोलॉजी और एनेस्थीसिया विभागाध्यक्ष की अध्यक्षता में इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी के डॉ. मनोज कुमार, डॉ. सौरभ कुमार और उनकी टीम ने नौ अक्तूबर को एंडोवास्कुलर फ्लो डाइवर्टर तकनीक से इलाज किया। माइक्रो कैथेटर के जरिये दिमाग की प्रभावित नस तक पहुंचकर विशेष डिवाइस लगाई गई। इससे रक्त प्रवाह को नियंत्रित कर क्षतिग्रस्त नस की मरम्मत की गई।
विज्ञापन
प्रक्रिया पूरी होने के बाद मरीज को होश में लाकर ट्यूब हटा दी गई। फिलहाल वह स्वस्थ हैं और न्यूरोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. राजेश वर्मा की देखरेख में हैं। मरीज और उसके परिवार ने आयुष्मान योजना, केजीएमयू की कुलपति और चिकित्सकों की टीम के प्रति आभार जताया।