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Lucknow: सपा ने भाजपा पर लगाया ब्राह्मणों के उत्पीड़न का आरोप, ब्राह्मण नेता अपने जिलों में शुरू करेंगे आंदोलन
Tue, 14 Feb 2023 08:47 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 14 Feb 2023 08:47 PM IST
सार
अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा राज में अन्याय, अत्याचार चरम पर है। प्रशासन पूरी तरह बेरहम और अमानवीय हो चला है। हर जिले में उत्पीड़न की घटनाएं हो रही हैं। कहा कि कानपुर देहात के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के नेताओं को रोकना सरकार की मंशा को उजागर करता है।
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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
समाजवादी पार्टी ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार में दलितों, पिछड़ों ही नहीं बल्कि ब्राह्मणों का भी लगातार उत्पीड़न हो रहा है। कानपुर की घटना का जिक्र करते हुए पार्टी के ब्राह्मण नेताओं को निर्देश दिया गया है कि जहां भी उत्पीड़न की घटना हो, मौकेपर जाएं। पूरे मामले की जांच करें। प्रदेश मुख्यालय को रिपोर्ट दें। साथ ही अपने जिलों के अन्य ब्राह्मण नेताओं को एकजुट कर सरकार की तानाशाही के खिलाफ आंदोलन शुरू करें।
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प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि पार्टी शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर जहां भी उत्पीड़न की घटनाएं हो रही हैं,वहां पार्टी का प्रतिनिधि मंडल निरंतर पहुंच रहा है। आम लोगों का उत्पीड़न हो या पार्टी कार्यकर्ता का। हर जगह प्रतिनिधि मंडल जाकर पूरे मामले की जांच कर रहा है। इस जांच रिपोर्ट से राष्ट्रीय अध्यक्ष को अवगत कराया जा रहा है। कानपुर देहात की घटना की निंदा करते हुए प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि बुलडोजर कार्रवाई के दौरान जिंदा जला कर मां - बेटी की मौत की घटना सरकारी तंत्र की निरंकुशता का प्रमाण दे रही है। समाजवादी पार्टी की मांग है कि इस कांड के आरोपी डीएम, एसडीएम और लेखपाल पर हत्या का मुकदमा दर्ज हो। मृतकों के परिजनों को सरकार पर्याप्त एवं उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी दे।
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उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में अन्याय, अत्याचार चरम पर हैं। सरकार का व्यवहार पूरी तरह से निरंकुश है। सरकार की शह पर अधिकारी और पुलिस अत्याचार की हदें पार कर चुके हैं। पहले सरकार की बुलडोजर नीति के कारण मां बेटी की हत्या हुई। उसके बाद विधानसभा में समाजवादी पार्टी के मुख्य सचेतक डॉ मनोज पांडेय के नेतृत्व में घटना स्थल पर जा रहे पार्टी प्रतिनिधिमंडल को रोका गया। प्रतनिधि मंडल में विधायक अमिताभ बाजपेयी, विनोद चतुर्वेदी, प्रदीप यादव, मोहम्मद हसन आदि शामिल थे। इन सभी को पुलिस ने घटनास्थल पर जाने से रोक लिया। प्रदेश अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कानपुर जिला प्रशासन ने अपने दुष्कृत्य को छुपाने के लिए सुबह से विधायक अमिताभ बाजपेयी के घर के बाहर पुलिस का पहरा लगा दिया। डॉ मनोज पांडेय एवं पूर्व उदय राज यादव के साथ अभद्रता की गई। मनोज पांडेय के नेतृत्व में पार्टी के नेता धरने पर बैठ गए।
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भाजपा राज में अत्याचार चरम पर : अखिलेश
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा राज में अन्याय, अत्याचार चरम पर है। प्रशासन पूरी तरह बेरहम और अमानवीय हो चला है। हर जिले में उत्पीड़न की घटनाएं हो रही हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि कानपुर देहात के पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के नेताओं को रोकना सरकार की मंशा को उजागर करता है। सरकार शासन प्रशासन भय और उत्पीड़न की प्रतीक बन गई। भाजपा सरकार का अंत बहुत ही निकट है। आगामी चुनाव में जनता उसकेकर्मो का फल देगी। उन्होंने कहा कि महंगाई से तड़प रही जनता अब उत्पीड़न से परेशान हैं।
भाजपा सरकार ने गन्ने की कीमत न बढ़ाकर किसानों के साथ धोखे ही नहीं बल्कि अन्याय भी किया है। महंगाई के कारण गन्ने की उत्पादन लागत बढ़ गई है। किसान गन्ने की कीमत बढ़ाने की मांग कर रहा है। लेकिन भाजपा सरकार संवेदनहीन बनी हुई हैं। चीनों मिलों पर हजारों करोड़ रूपये बकाया है। भाजपा ने अपने घोषणा पत्र में 14 दिन के भीतर गन्ना मूल्य के भुगतान का वादा किया था। समय पर भुगतान न होने पर ब्याज समेत भुगतान करने का नियम भी है। सरकार मिल मालिकों के साथ सांठगांठ कर किसानों के जीवन को बर्बाद कर रही है। उन्होंने कहा कि पूरे राज्य में गन्ना किसान खाद, दवा, डीजल की बढ़ी कीमतों को देखते हुए उम्मीद कर रहा था कि गन्ने का भी मूल्य बढ़ेगा। लेकिन सरकार ने गन्ना की कीमत समय से बढ़ाने का फैसला नहीं लिया।