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लखनऊ : पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सुरक्षा में तैनात रहे एसआई की संदिग्ध हालात में मौत
Mon, 13 Sep 2021 11:00 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 13 Sep 2021 11:00 PM IST
सार
जौनपुर के सराय ख्वाजा निवासी धर्मेंद्र यादव 2018 में बतौर एसआई उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात हुए। इसके प्रशिक्षण के बाद से वह पूर्व मुख्यमंत्री व सपा प्रमुख अखिलेश यादव की सुरक्षा में तैनात थे।
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यूपी पुलिस
विस्तार
पूर्व मुख्यमंत्री व सपा प्रमुख अखिलेश यादव की सुरक्षा में तैनात रहे एसआई धर्मेंद्र यादव (30) की संदिग्ध हालात में सोमवार दोपहर को मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक वह डिप्रेशन में चल रहे थे। रविवार देर रात को हालत बिगड़ने पर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शव का पोस्टमार्टम होने के बाद मौत की असली वजह सामने आएगी। अप्रैल में धर्मेंद्र ने सर्विस पिस्तौल से गोली चलाई थी। जिसमें किराए पर रहने वाली युवती घायल हो गई थी। इस मामले में उनको जेल भी जाना पड़ा। जिसके बाद निलंबित चल रहे थे।
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एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव के मुताबिक मूलरूप से जौनपुर के सराय ख्वाजा निवासी धर्मेंद्र यादव 2018 में बतौर एसआई उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात हुए। इसके प्रशिक्षण के बाद से वह पूर्व मुख्यमंत्री व सपा प्रमुख अखिलेश यादव की सुरक्षा में तैनात थे। धर्मेंद्र यादव गोमतीनगर विस्तार के खरगापुर में परिवार सहित रहते थे। परिवार में पत्नी प्रियंका यादव दो बच्चे हैं। एसीपी के मुताबिक परिजनों ने बताया कि सोमवार सुबह करीब 11 बजे वह बिस्तर पर लेटे थे। काफी देर होने की वजह से पत्नी जगाने गई। जब वह नहीं उठे तो आनन-फानन लोहिया अस्पताल में ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं परिजनों के मुताबिक वह काफी दिनों से डिप्रेशन में चल रहे थे।
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गोली चलाने के बाद हुए थे निलंबित
एसीपी गोमतीनगर श्वेता श्रीवास्तव के मुताबिक धर्मेंद्र यादव व उनकी पत्नी में 20 अप्रैल को किसी बात पर विवाद हो गया। इस दौरान धर्मेंद्र ने अपनी सर्विस पिस्तौल से फायर कर दिया। गोली उनके यहां किराए पर रहने वाली युवती अंशिका गुप्ता को लग गई। अंशिका ने गोमतीनगर विस्तार थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने आरोपी एसआई धर्मेंद्र यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गोली चलाने की वारदात की जानकारी होने पर उच्चाधिकारियों ने धर्मेंद्र को निलंबित कर दिया था। परिजनों ने पूछताछ में बताया कि निलंबन के बाद से ही वह डिप्रेशन में चले गये थे। जिसका इलाज भी चल रहा था। एसीपी के मुताबिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की असली वजह सामने आ जाएगी।
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