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UP News : शिया वक्फ का आदेश- मस्जिदों में नमाज के अलावा जलसे के लिए जमा न हो भीड़, भड़काऊ बयानों पर भी पाबंदी
Fri, 17 Jun 2022 12:12 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 17 Jun 2022 12:12 AM IST
सार
मदरसा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि बीते शुक्रवार जैसी घटनाएं दोबारा न हो, इसके लिए खास ख्याल रखना होगा। इस्लाम में किसी की भी गलती पर उसे माफ कर देने का बहुत बड़ा मर्तबा है। गलती करने वाले ने माफी मांग कर अपना बयान वापस ले लिया है तो विरोध का कोई औचित्य नहीं बनता।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जुमा की नमाज के बाद प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए बृहस्पतिवार को शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अली जैदी ने बोर्ड में दर्ज सभी मस्जिदों के मुतवल्लियों व प्रबंध कमेटियों को नमाज के अलावा किसी भी तरह के जलसे के लिए भीड़ इकट्ठा न होने देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका वाली तकरीर पर भी पाबंदी लगा दी है।
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पैगंबर मोहम्मद की शान में गुस्ताखी करने वाली नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल की गिरफ्तारी की मांग को लेकर बीते शुक्रवार को नमाज के बाद कई जिलों में हिंसक प्रदर्शन हुए थे। इसके मद्देनजर जैदी ने मस्जिदों के मुतवल्लियों को जारी निर्देश में कहा कि जुमा की नमाज में किसी भी तरह का खुतबा या तकरीर ऐसी नही दी जाएगी, जिससे आपसी सौहार्द एवं शांति व्यवस्था बिगड़ने की आशंका हो।
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लोकतंत्र में विरोध का अधिकार, पर शांतिपूर्ण तरीके से रखें बात : जावेद
मदरसा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि बीते शुक्रवार जैसी घटनाएं दोबारा न हो, इसके लिए खास ख्याल रखना होगा। इस्लाम में किसी की भी गलती पर उसे माफ कर देने का बहुत बड़ा मर्तबा है। गलती करने वाले ने माफी मांग कर अपना बयान वापस ले लिया है तो विरोध का कोई औचित्य नहीं बनता। उन्होंने कहा कि हम सब नमाज में क्या पढ़े कोई नहीं पूछेगा लेकिन नमाज पढ़ने के बाद हमारा बर्ताव कैसा है यह सब देखेंगे। लिहाजा किसी भी तरह का विरोध लोकतांत्रिक व शांतिपूर्ण तरीके से होना चाहिए। मदरसों के द्वारा किसी भी प्रकार की कोई भी अमानवीय हरकत काफी दिनों के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।
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अराजक तत्वों की साजिश का न बने शिकार : शिराजुद्दीन
मौलाना अली मियां नदवी फाउंडेशन के अध्यक्ष हाजी शिराजुद्दीन ने बयान जारी कर मस्जिदों के प्रबंधन से अपील की कि जुमा की नमाज के बाद नमाजी मस्जिद के बाहर भीड़ न लगाएं। बीते कुछ अरसे से अराजक तत्व जुमा की नमाज और मस्जिद को बदनाम करने की कोशिश में लगे हैं। इसका शिकार होने से बचें। उन्होंने प्रदेश सरकार से अपील करते हुए कहा कि बुलडोजर अराजक तत्वों को कितना नुकसान पहुंचा रहा है, ये पता नहीं लेकिन इससे समाज दो हिस्सों में बंट रहा है। इसलिए सरकार को इस पर पुनर्विचार कर कोई ऐसा फैसला लेना होगा, जिससे समाज को टूटने से बचाया जा सके और अराजक तत्वों का सफाया हो सके।
जुमा की नमाज के बाद न करें नारेबाजी
आसिफी मस्जिद के इमाम ए जुमा मौलाना सैयद कल्बे जवाद नकवी ने शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद नारेबाजी से परहेज करने की मुसलमानों से अपील की। मौलाना ने कहा कि जुमा की नमाज के बाद शांतिपूर्वक अपने-अपने घरों को रवाना हों और किसी भी प्रकार की नारेबाजी से परहेज करें। मौलाना ने कहा कि पैगंबर की शान में गुस्ताखी करने वालों को कानून के मुताबिक सजा मिलेगी क्योंकि उनके खिलाफ कई जगहों पर एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।