फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow: Scam dealer worth Rs 9.62 crore arrested

लखनऊ: 9.62 करोड़ का घोटाले बाज गिरफ़्तार, कोरोना काल में पीपीई किट आपूर्ति में किया था फर्जीवाड़ा

Wed, 11 Oct 2023 07:07 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: रोहित मिश्र Updated Wed, 11 Oct 2023 07:07 AM IST
सार

प्रभारी निरीक्षक सुशांत गोल्फ सिटी अतुल श्रीवास्तव के मुताबिक़ यूपीएमएससीएल के महाप्रबंधक ने 3 अप्रैल 2021 को 9.62 करोड़ के घोटाले का केस दर्ज कराया था।

विज्ञापन
Lucknow: Scam dealer worth Rs 9.62 crore arrested
पीपीई किट की खरीद में हुआ था फर्जीवाड़ा। - फोटो : PTI

विस्तार

कोरोना काल में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और अस्पतालों में पीपीई किट की आपूर्ति का फर्जी आर्डर लेटर तैयार कर पानीपत की फ़र्म से करोड़ों का घोटाला करने के आरोपी फ़ैजल उर्फ़ फ़ैसल वारसी को सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने सोमवार को रात गिरफ़्तार कर मामले का खुलासा किया है। पूँछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया। पड़ताल के दौरान पता चला है कि दो से तीन और लोग घोटाले में शामिल हैं। जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। 

विज्ञापन


प्रभारी निरीक्षक सुशांत गोल्फ सिटी अतुल श्रीवास्तव के मुताबिक़ यूपीएमएससीएल के महाप्रबंधक ने 3 अप्रैल 2021 को 9.62 करोड़ के घोटाले का केस दर्ज कराया था। उन्होंने पुलिस को बताया कि जालसाजों ने यूपीएमएससीएल के लेटर हेड पर फर्जी सप्लाई आर्डर तैयार कर सरकारी अस्पतालों में पीपीई किट आपूर्ति का टेंडर हुडा पानीपत की फ़र्म मेसर्स महादेव एक्सपोर्ट को दिया। आपूर्तिकर्ता फ़र्म ने जालसाज़ों द्वारा बताए गए रायबरेली रोड स्थित पीजीआई के पास यूपीएमएससीएल के वेयर हाउस समेत अन्य स्थानों पर पीपीई किट की आपूर्ति की। हालाँकि सप्लाई आर्डर की तरह आपूर्ति का स्थान भी संस्था के नही थे। केस दर्ज कर मामले की जाँच में जुटी पुलिस ने सोमवार की रात इंदिरा नगर निवासी फैजल उर्फ़ फ़ैसल वारसी को गिरफ़्तार कर लिया। मंगलवार को पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया। जंहा से उसे जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन


फ़र्म ने भुगतान के लिए दिया बिल,तो राज खुला
महादेव एक्सपोर्ट फ़र्म ने आपूर्ति करने के बाद भुगतान के लिए 9.62 करोड़ का बिल यूपीएमएससीएल मे लगाते ही अधिकारियों के होश उड़ गए। महाप्रबंधक ने मामले की जाँच कराई तो पता चला कि सप्लाई आर्डर फर्जी है। दरअसल संस्था की ओर से ऐसा कोई पत्र जारी ही नही किया था। घोटाला होने की जानकारी होने पर महाप्रबंधक ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने पर केस दर्ज कराया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


दो साल बीतने के बाद भी मामले का खुलासा न होने पर पिछले सफ़्ताह प्रकरण की विवेचना अहिमामऊ चौकी प्रभारी धीरेंद्र सिंह को सौंपी। महज़ 5 दिन में ही मामले का मास्टरमाइंड फ़ैसल को गिरफ़्तार कर पर्दाफाश कर दिया। विवेचक ने बताया कि आरोपी फ़ैसल ने ही फर्जी सप्लाई आर्डर तैयार किया था। इसमें दो से तीन और लोग शामिल हैं। जिनकी तलाश जारी है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed