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लखनऊ : सतीश चंद्र मिश्र एवं विधायक उमाशंकर सिंह ने स्मारकों एवं पार्कों के लिए सीएम को सौंपी मायावती की चिट्ठी
Thu, 28 Apr 2022 08:07 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 28 Apr 2022 08:07 PM IST
सार
इन सभी के प्रबंधन, सुरक्षा एवं अनुरक्षण के लिए 7265 पद सृजित हैं जिसकेसापेक्ष 5281 कर्मचारी कार्यरत हैं। उनकी भी समस्याएं हैं। पत्र में सुझाव दिया गया है कि स्मारक समिति में कार्यरत कर्मचारियों की सेवा नियमावली राज्य कर्मचारियों की भांति बनाई जाए।
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बसपा सुप्रीमो मायावती व महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा।
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
विभिन्न पार्कोँ, संग्रहालयों एवं स्मारकों की बदहाली का मामला उठाते हुए बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्र एवं विधायक उमाशंकर सिंह बृहस्पतिवार को सीएम से मिले। उन्होंने बसपा प्रमुख मायावती का पत्र उन्हें सौंपा जिसमें इस प्रकरण को गंभीरता से लेने की मांग की गई है।
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पत्र में मायावती ने कहा है कि राजधानी के पार्कों, संग्रहालयों एवं स्मारकों का हाल बुरा है। इनकी उपेक्षा की जा रही है। कांशीराम स्मारक तथा डा. भीमराव अंबेडकर स्मारक के गुंबद में लीकेज केकारण सीलन आ गई है। कांशीराम स्मारक की छत में काफी बड़ी दरार आ गई है। पत्थर उखड़कर गिर रहे हैं। इन स्मारकों की बाउंड्री वॉल की कोई मरम्मत न होेने से उनमें भी दरारे आ रही हैं। रमाबाई अंबेडकर मैदान में जगह जगह पत्थर टूटे हैं। सभी भवनों में सिलिकॉन की कोर्टिंग कई वर्षों से नहीं कराई गई है। पेड़ पौधे सूख रहे हैं। बल्ब फ्यूज होने पर बदले नहीं जा रहे हैं।
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कहा कि इन सभी के प्रबंधन, सुरक्षा एवं अनुरक्षण के लिए 7265 पद सृजित हैं जिसकेसापेक्ष 5281 कर्मचारी कार्यरत हैं। उनकी भी समस्याएं हैं। पत्र में सुझाव दिया गया है कि स्मारक समिति में कार्यरत कर्मचारियों की सेवा नियमावली राज्य कर्मचारियों की भांति बनाई जाए। इसमें भी मृतक आश्रितों को नौकरी दी जाए। रिटायरमेंट आयु साठ वर्ष की जाए। सीपीएफ के स्थान पर इनका खाता न्यू पेंशन स्कीम में खोला जाए। एसीपी की सुविधा दी जाए। इन कर्मचारियों की सेवानिवृति के समय अवशेष देय अर्जित अवकाश के नकदीकरण की सुविधा भी दी जाए।
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