{"_id":"667bdb8ad0a8cc5e7b0c3404","slug":"lucknow-ruckus-over-the-death-of-a-child-in-private-hospital-2024-06-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow: मासूम की मौत के बाद जमकर हंगामा, परिजनों का आरोप- मौत होने के बाद भी रखा वेंटिलेटर पर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow: मासूम की मौत के बाद जमकर हंगामा, परिजनों का आरोप- मौत होने के बाद भी रखा वेंटिलेटर पर
Wed, 26 Jun 2024 02:42 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Wed, 26 Jun 2024 02:42 PM IST
सार
परिजनों का आरोप है कि बेटी की मौत पहले हो चुकी थी पर अस्पताल का बिल बढ़ाने के लिए उसे वेंटिलेटर पर रखे रखा। कोई फायदा न होने पर जब दूसरे अस्पताल में ले जाने की बात कही तो 37 हजार का बिल थमा दिया।
विज्ञापन
- फोटो : istock
विस्तार
नौ माह की मासूम की मौत के बाद परिजनों ने दुबग्गा के निजी अस्पताल पर जमकर हंगामा किया। परिजनों का आरोप था कि बेटी को पांच दिनों तक डॉक्टरों ने वेंटिलेटर पर रखे रखा जबकि उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामला शांत कराया।
विज्ञापन
काकोरी के लालता खेड़ा गांव निवासी सूरज गौतम पांच दिन पहले 9 माह की बेटी नेहा को इलाज के लिए दुबग्गा के एकैव अस्पताल में भर्ती कराया था। परिजन का आरोप है कि डॉक्टरों ने बेटी को पहले दिन से ही वेंटिलेटर पर रखा और पांच दिन इलाज किया। कोई फायदा नहीं होने पर जब दूसरे अस्पताल ले जाने की बात की गई तो अस्पताल प्रशासन ने 37 हजार का बिल थमा दिया।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - यूपी: प्रदेश में खुलेगा नौकरियों का पिटारा, लेखपाल और क्लर्क जैसी पोस्ट पर होने जा रही हैं 13 हजार भर्तियां
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - यूपी: 750 करोड़ से अयोध्या में बनेगा विश्वस्तरीय मंदिर संग्रहालय, 25 एकड़ जमीन में टाटा के द्वारा होगा निर्माण
अस्पताल प्रशासन ने नेहा को जिंदा बताते हुए दूसरी जगह ले जाने की सलाह दी। इस पर उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने बताया कि उसकी पहले ही मौत हो चुकी थी।
बेटी के इलाज के लिए बेच दी बाइक
नेहा के पिता सूरज ने बताया कि उन्होंने अपनी बाइक बेचकर बेटी के इलाज में लगा दिया और फिर भी वह नहीं बची। वहीं, अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर किशन के अनुसार नेहा का इलाज डॉ. पवन गुप्ता की देखरेख में हुआ था और उसे झटके आ रहे थे। उसके सिर में ब्लड जम गया था। डिप्टी सीएमओ डॉक्टर एपी सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।