{"_id":"63f304cabf6f4a395b0c9b0e","slug":"lucknow-road-accident-car-fell-30-feet-below-flyover-suv-was-in-air-for-50-meters-bike-rider-survived-2023-02-20","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Road Accident: फ्लाईओवर से 30 फीट नीचे गिरी कार, 50 मीटर तक हवा में रही थी एसयूवी...10 सेकेंड से बचा बाइक सवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Road Accident: फ्लाईओवर से 30 फीट नीचे गिरी कार, 50 मीटर तक हवा में रही थी एसयूवी...10 सेकेंड से बचा बाइक सवार
Mon, 20 Feb 2023 11:15 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 20 Feb 2023 11:15 AM IST
सार
लखनऊ में शनिवार की रात बड़ा सड़क हादसा हुआ। लखनऊ में पॉलीटेक्निक फ्लाईओवर से बेकाबू होकर एक एसयूवी गिर गई। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक घायल हो गया। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
विज्ञापन
फ्लाईओवर से गिरी एसयूवी कार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
लखनऊ के पॉलीटेक्निक फ्लाईओवर से शनिवार रात गिरी एसयूवी की बेकाबू रफ्तार हादसे की वजह बनी। फ्लाईओवर के मोड़ पर चालक रफ्तार कम नहीं कर सका और एसयूवी पलक झपकते ही लगभग 30 फीट नीचे आ गिरी। रविवार को हादसे का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया, जिससे एसयूवी के तेज रफ्तार में होने की पुष्टि हुई। पल भर में तीन जिंदगियां काल के गाल में समा गईं। एक घायल अस्पताल में जिंदगी के लिए जूझ रहा है।
निशातगंज निवासी अमित अपनी कार से शनिवार रात एक शादी समारोह में गए थे। उनके साथ तीन दोस्त हर्ष, राजकुमार और राजीव शुक्ला उर्फ प्रांशु भी थे। देर रात वापसी में पॉलीटेक्निक फ्लाईओवर से मुंशीपुलिया की ओर जाते वक्त एसयूवी अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए नीचे जा गिरी थी।
हादसे में राजकुमार, राजीव व अमित की मौत हो गई थी, जबकि हर्ष का इलाज जारी है। पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें एसयूवी ऊपर से नीचे गिरती दिख रही है। पुलिस के मुताबिक बेकाबू रफ्तार हादसे की वजह बनी। मोड़ के पास रफ्तार धीमी नहीं हो सकी, इसलिए एसयूवी सीधे नीचे गिर गई।
विज्ञापन
50 मीटर तक हवा में रही थी एसयूवी
जहां से एसयूवी गिरते दिख रही हैं वहां से करीब पचास मीटर दूरी पर एक बिजली का पोल लगा है। एसयूवी फ्लाईओवर की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे इसी पोल से टकराई थी। रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एसयूवी पचास मीटर तक हवा में रही थी। इसके अलावा फ्लाईओवर पर अंधेरा था। स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रहीं थीं। आशंका है कि कार चलाने वाला फ्लाईओवर के मोड़ को समझ नहीं पाया। वहीं एसयूवी अमित की थी, लेकिन उसे राजकुमार चला रहा था। आशंका है कि शायद राजकुमार को इसे चलाने का बहुत अंदाजा नहीं था। वह बस रफ्तार बढ़ाता गया।
विज्ञापन
निशातगंज निवासी अमित अपनी कार से शनिवार रात एक शादी समारोह में गए थे। उनके साथ तीन दोस्त हर्ष, राजकुमार और राजीव शुक्ला उर्फ प्रांशु भी थे। देर रात वापसी में पॉलीटेक्निक फ्लाईओवर से मुंशीपुलिया की ओर जाते वक्त एसयूवी अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए नीचे जा गिरी थी।
विज्ञापन
हादसे में राजकुमार, राजीव व अमित की मौत हो गई थी, जबकि हर्ष का इलाज जारी है। पुलिस ने तफ्तीश शुरू की तो एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें एसयूवी ऊपर से नीचे गिरती दिख रही है। पुलिस के मुताबिक बेकाबू रफ्तार हादसे की वजह बनी। मोड़ के पास रफ्तार धीमी नहीं हो सकी, इसलिए एसयूवी सीधे नीचे गिर गई।
विज्ञापन
50 मीटर तक हवा में रही थी एसयूवी
जहां से एसयूवी गिरते दिख रही हैं वहां से करीब पचास मीटर दूरी पर एक बिजली का पोल लगा है। एसयूवी फ्लाईओवर की रेलिंग तोड़ते हुए सीधे इसी पोल से टकराई थी। रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि एसयूवी पचास मीटर तक हवा में रही थी। इसके अलावा फ्लाईओवर पर अंधेरा था। स्ट्रीट लाइटें नहीं जल रहीं थीं। आशंका है कि कार चलाने वाला फ्लाईओवर के मोड़ को समझ नहीं पाया। वहीं एसयूवी अमित की थी, लेकिन उसे राजकुमार चला रहा था। आशंका है कि शायद राजकुमार को इसे चलाने का बहुत अंदाजा नहीं था। वह बस रफ्तार बढ़ाता गया।
10 सेकेंड से बचा बाइक सवार
40 सेकेंड के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि पॉलीटेक्निक फ्लाईओवर से नीचे गिरते समय एसयूवी की रफ्तार और बढ़ गई। हादसा रात 12.29 बजे हुआ। जिस वक्त बोलेरो गिर रही थी, उसी वक्त नीचे एक बाइक सवार भी आ गया। एसयूवी गिरते देख उसने अपनी बाइक में ब्रेक लगा दिया। महज दस सेकेंड के अंतर से उसकी जान बच गई।
40 सेकेंड के सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि पॉलीटेक्निक फ्लाईओवर से नीचे गिरते समय एसयूवी की रफ्तार और बढ़ गई। हादसा रात 12.29 बजे हुआ। जिस वक्त बोलेरो गिर रही थी, उसी वक्त नीचे एक बाइक सवार भी आ गया। एसयूवी गिरते देख उसने अपनी बाइक में ब्रेक लगा दिया। महज दस सेकेंड के अंतर से उसकी जान बच गई।
सबसे पहले हर्ष को बचाया गया
दरोगा भरत पाठक ने बताया कि वह और सिपाही भरत चौधरी जब मौके पर पहुंचे तो एसयूवी देखकर समझ नहीं आ रहा था कि भीतर के लोगों को बाहर कैसे निकाला जाए। तभी कराहने की आवाज आई। खिड़की के शीशे से हर्ष दिखाई दिया। शीशा तोड़कर किसी तरह उसको बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
दरोगा भरत पाठक ने बताया कि वह और सिपाही भरत चौधरी जब मौके पर पहुंचे तो एसयूवी देखकर समझ नहीं आ रहा था कि भीतर के लोगों को बाहर कैसे निकाला जाए। तभी कराहने की आवाज आई। खिड़की के शीशे से हर्ष दिखाई दिया। शीशा तोड़कर किसी तरह उसको बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।
एसयूवी में था खून ही खून
एसयूवी जब नीचे गिरी थी तो पलट गई थी। पुलिसकर्मी उसको आसानी से पलटकर सीधा नहीं कर पा रहे थे। क्रेन बुलाई और उसको सीधा कराया। चूंकि हर तरफ से एसयूवी पिचक चुकी थी, लिहाजा भीतर फंसे लोगों को निकालना मुश्किल हो रहा था। शीशे तोड़े, कटर से दरवाजे काटे तब जाकर किसी तरह से अमित, राजकुमार व प्रांशु को बाहर निकाल सके। एसयूवी के भीतर खून ही खून था।
एसयूवी जब नीचे गिरी थी तो पलट गई थी। पुलिसकर्मी उसको आसानी से पलटकर सीधा नहीं कर पा रहे थे। क्रेन बुलाई और उसको सीधा कराया। चूंकि हर तरफ से एसयूवी पिचक चुकी थी, लिहाजा भीतर फंसे लोगों को निकालना मुश्किल हो रहा था। शीशे तोड़े, कटर से दरवाजे काटे तब जाकर किसी तरह से अमित, राजकुमार व प्रांशु को बाहर निकाल सके। एसयूवी के भीतर खून ही खून था।