मक्का हादसे के चश्मीदीदों ने बताई हादसे की वजह!
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यूपी से बड़ी संख्या में हाजी हज यात्रा के लिए गए हैं। कानपुर के जाजमऊ के हाजी साकिब इरशाद ने फोन पर सुनाई हादसे की दास्तां। हाजिब साकिब इरशाद कहते हैं कि मक्का में नमाज अदा करने के बाद हम लोग मीना पहुंचे। नीचे इतनी भीड़ थी कि सिर के अलावा कुछ नजर नहीं आ रहा था। इसलिए हम लोग कम भीड़ देखकर दूसरी मंजिल पर चले गए। वहां पर हम लोग शैतान को कंकड़ी मार ही रहे थे कि अचानक चीखें सुनाईं दीं।
अफ्रीकी देशों के कई लोग ग्रुप में आगे बढ़े और इतने में अचानक भगदड़ मच गई। चीख पुकार के बीच जो भी गिरा फिर वह उठ नहीं पाया। हादसा इतना दर्दनाक है कि देखा नहीं जा रहा था। सुरक्षा में लगे लोगों ने तुरंत हालात संभालने की कोशिश की।
हादसे के बाद अफरा-तफरी का माहौल हो गया। महिलाओं को तो संभालना मुश्किल हो गया। सभी घायलों और मृतकों को हटाने के बाद साफ सफाई कर दी गई। आमीन!
दहशत में हैं हाजी, सख्ती बढ़ाई गई
भगदड़ में हाजियों की मौतों की खबर से मक्का में मौजूद हाजी दहशत में हैं। उन पर सऊदी हुकूमत की सख्ती बढ़ गई है। सुरक्षा कर्मी हाजियों को टेंट के बाहर भी निकलने नहीं दे रहे हैं।
बृहस्पतिवार को मीना में शैतान को पत्थर मारने की रस्म निभाने वाले लखनऊ के रेहान रिजवी ने कहा कि अल्लाह का करम है कि हम हादसे से पहले निकल आए। रेहान ने अमर उजाला को फोन पर बताया कि हादसे से करीब 15 मिनट पहले ही उनके ग्रुप के हाजी वहां से गुजरे थे।
सऊदी अरब के मीना में शैतान को कंकरी मार कर लौट रहे हाजियों की भगदड़ में हुए हादसे को लेकर राजधानी लखनऊ के लोगों में भी दहशत-बेचैनी बनी रही। अपनों की सलामती की दुआ के साथ ही लोग कभी राज्य हज कमेटी तो कभी मुकद्दस सफर पर गए लोगों को फोन लगाते रहे।
लखनऊ के दानिश बोले अल्लाह का शुक्र है, भाई ठीक हैं
अल्लाह का लाख-लाख शुक्र है कि कामरान भाई से बात हो गई। उनकी पत्नी व बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल था। मन्नतों-मुरादों के बीच लगातार संपर्क में जुटे रहे। दोपहर तीन बजे कामरान से फोन पर बात हुई तो सुकून हुआ। कामरान ने कहा कि वे 15 मिनट पहले ही उस जगह से आए थे जहां यह हादसा हुआ। अल्लाह ने उनको व उनके साथियों को बचा लिया। हादसे की दहशत हर तरफ है।