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साइबर क्राइम : लखनऊ देश में पांचवें, प्रदेश में पहले स्थान पर
Fri, 08 May 2026 02:50 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
संवाद न्यूज एजेंसी, लखनऊ
Updated Fri, 08 May 2026 02:50 AM IST
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एआई तस्वीर।
लखनऊ। राजधानी में वर्ष 2023 के मुकाबले 2024 में साइबर क्राइम में कमी आई है। पर प्रदेश में लखनऊ साइबर क्राइम के मामले में नंबर एक पर है, जबकि देश में पांचवें स्थान पर। गाजियाबाद दूसरे और कानपुर तीसरे नंबर पर है।
2024 में शहर में साइबर क्राइम के 1292 मामले दर्ज किए गए। एनसीआरबी के रिकॉर्ड के अनुसार लखनऊ में 2023 में 1453 मामले दर्ज किए गए थे। 2022 में यह आंकड़ा 1134 था। वहीं, देशभर में मेट्रोपॉलिटन शहरों की बात की जाए तो एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार लखनऊ पांचवें नंबर पर है। बंगलूरू टॉप पर है और यहां 2024 में 17561 मामले दर्ज हैं। दूसरा स्थान हैदराबाद का है, यहां 4009 मामले सामने आए। तीसरे नंबर पर चेन्नई है और यहां 1882 साइबर क्राइम के मामले दर्ज हुए। चौथे स्थान पर पुणे है। यहां 1504 मामले दर्ज हुए।
लखनऊ में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले सबसे अधिक
एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले सबसे अधिक हैं। शहर में फ्रॉड के 952 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद वसूली के 184 और बदनाम करने के 144 मामले सामने आए। इसी तरह गाजियाबाद में ऑनलाइन फ्रॉड के 363, वसूली के शून्य और बदनाम करने के लिए 63 मामले दर्ज हुए। कानपुर में ऑनलाइन फ्रॉड के शून्य, वसूली के 221 और बदनाम करने के 132 मामले दर्ज हुए। ऑनलाइन यौन शोषण के मामले में भी प्रदेश में कानपुर का पहला स्थान रहा। कानपुर में 54, लखनऊ में 12 और गाजियाबाद में 0 मामले दर्ज हुए।
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898 पुराने मामलों की विवेचना लंबित
एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं लखनऊ में साइबर क्राइम की विवेचना की रफ्तार काफी धीमी है। पिछले साल के 898 मामलों की विवेचना लंबित है। इस तरह लखनऊ पुलिस को 2190 मामलों की विवेचना करना बाकी है। लखनऊ के बाद कानपुर पुलिस के पास भी पिछले साल के 785 मामले विवेचना के लिए लंबित हैं। वहीं गाजियाबाद पुलिस के पास 432 केस पेंडिंग हैं।
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2024 में शहर में साइबर क्राइम के 1292 मामले दर्ज किए गए। एनसीआरबी के रिकॉर्ड के अनुसार लखनऊ में 2023 में 1453 मामले दर्ज किए गए थे। 2022 में यह आंकड़ा 1134 था। वहीं, देशभर में मेट्रोपॉलिटन शहरों की बात की जाए तो एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार लखनऊ पांचवें नंबर पर है। बंगलूरू टॉप पर है और यहां 2024 में 17561 मामले दर्ज हैं। दूसरा स्थान हैदराबाद का है, यहां 4009 मामले सामने आए। तीसरे नंबर पर चेन्नई है और यहां 1882 साइबर क्राइम के मामले दर्ज हुए। चौथे स्थान पर पुणे है। यहां 1504 मामले दर्ज हुए।
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लखनऊ में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले सबसे अधिक
एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार, लखनऊ में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले सबसे अधिक हैं। शहर में फ्रॉड के 952 मामले दर्ज किए गए। इसके बाद वसूली के 184 और बदनाम करने के 144 मामले सामने आए। इसी तरह गाजियाबाद में ऑनलाइन फ्रॉड के 363, वसूली के शून्य और बदनाम करने के लिए 63 मामले दर्ज हुए। कानपुर में ऑनलाइन फ्रॉड के शून्य, वसूली के 221 और बदनाम करने के 132 मामले दर्ज हुए। ऑनलाइन यौन शोषण के मामले में भी प्रदेश में कानपुर का पहला स्थान रहा। कानपुर में 54, लखनऊ में 12 और गाजियाबाद में 0 मामले दर्ज हुए।
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898 पुराने मामलों की विवेचना लंबित
एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं लखनऊ में साइबर क्राइम की विवेचना की रफ्तार काफी धीमी है। पिछले साल के 898 मामलों की विवेचना लंबित है। इस तरह लखनऊ पुलिस को 2190 मामलों की विवेचना करना बाकी है। लखनऊ के बाद कानपुर पुलिस के पास भी पिछले साल के 785 मामले विवेचना के लिए लंबित हैं। वहीं गाजियाबाद पुलिस के पास 432 केस पेंडिंग हैं।