लखनऊ: कार सवार बदमाशों ने प्रॉपर्टी डीलर की गोली मारकर की हत्या, एक आरोपी गिरफ्तार
- पीजीआई के वृंदावन कालोनी सेक्टर-14 बरौली में हुई वारदात
- नौकरी दिलाने के नाम पर 68 लाख रुपये के लेन-देन का मामला
- वारदात में एक महिला भी थी शामिल
विस्तार
आरोपी मनीष रायपुरा नसीराबाद फिरोजाबाद का निवासी है। पूछताछ में उसने बताया कि प्रॉपर्टी डीलर से पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद था। उसने नौकरी लगवाने के नाम पर उससे रुपए लिए थे, लेकिन दो साल तक नौकरी नहीं लगवाई।
मनीष जब उससे पैसे वापस मांगता तो वो आनाकानी करने लगता। मृतक प्रॉपर्टी डीलर खुद को सचिव बताता था। मनीष ने झांसे में आकर नौकरी के लिए उसे रुपये दिए थे। बुधवार को दु्र्गेश की हत्या करने के बाद मनीष स्कॉर्पियो से लखनऊ से प्रयागराज की ओर भाग रहा था।इसी दौरान प्रतापगढ़ की नवाबगंज पुलिस उसे गाड़ी और पिस्टल के साथ गिरफ्तार कर लिया।
मूलरूप से गोरखपुर के रहने वाला दुर्गेश यादव पीजीआई के वृंदावन सेक्टर 14 में रहकर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। बुधवार सुबह कुछ कार सवार लोग घर पहुंचे और घर में घुसकर गोली मार दी। दुर्गेश को पेट में गोली लगी, जिससे उसकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि दुर्गेश के मकान मालिक गृह विभाग में नौकरी करते हैं। एसीपी कैंट बीनू सिंह के मुताबिक सुबह एसयूवी सवार लोग दुर्गेश के घर आए थे। अंदर बैठकर काफी देर तक बातचीत हुई। बाहर जाते समय किसी बात को लेकर विवाद हुआ था।
जांच में पता चला कि दुर्गेश यादव पर हमला करने वाले बदमाशों में एक महिला भी शामिल है। दुर्गेश के साथ रहने वाले सोमेंद्र के मुताबिक करीब 8:00 बजे ऑडी और स्कॉर्पियो से आठ लोग घर पर आए थे, जिसमें एक महिला जिसका नाम पलक ठाकुर है वह भी शामिल थी। सभी आरोपी घर में घुसे और दुर्गेश की तलाश शुरू कर दी। साथ में रहने वाले लोगों ने बताया कि वह बाथरूम में है।
इसपर उन्होंने बाथरूम का दरवाजा भी खटखटाना शुरू कर दिया। बाहर निकलते ही पहले दुर्गेश को बुरी तरह पीटा इसके बाद उसे गोली मार दी।
नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला
पुलिस की प्राथमिक जांच में सचिवालय में नौकरी दिलाने के नाम पर 68 लाख रुपये के लेन-देन की बात सामने आई है। पकड़ा गया आरोपी मनीष यादव फर्रुखाबाद के शिकोहाबाद का रहने वाला है।
उसके साथ आई महिला पलक ठाकुर गोमती नगर विस्तार में रहती है। दुर्गेश यादव के खिलाफ लखनऊ और गोरखपुर में आठ से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। दो साल पहले उसके खिलाफ हजरतगंज थाने में नौकरी के नाम पर ठगी का मुकदमा दर्ज हुआ था।
दुर्गेश को गोरखपुर के उरुवा थाने का हिस्ट्रीशीटर भी बताया जा रहा है। वहां उसके खिलाफ डकैती व लूट के भी मुकदमे दर्ज हैं।