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निलंबन का मजाक बनाती पुलिस
टीम डिजिटल/लखनऊ
Updated Wed, 30 Oct 2013 02:31 PM IST
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आरटीआई कार्यकर्ता डॉ नूतन ठाकुर को ज्ञान प्रकाश चतुर्वेदी, एसपी (प्रोटोकॉल), लखनऊ के पत्र दिनांक 20 अक्टूबर 2013 से प्राप्त सूचना के अनुसार 01 जनवरी 2009 से 13 फ़रवरी 2013 के लगभग चार साल की अवधि में लखनऊ जिले में कुल 517 पुलिसकर्मी निलंबित किये गए।
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इस प्रकार औसतन हर तीसरे दिन एक पुलिसकर्मी निलंबित हुआ। इनमे 12 सितम्बर 2009 के एक आदेश से 39 और 21 जुलाई 2012 के एक आदेश से 10 पुलिसकर्मी निलंबित हुए।
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13 पृष्ठों की इस सूचना के अनुसार इन 517 पुलिसकर्मी में 187 बाद में पूरी तरह निर्दोष पाए गए, अर्थात लगभग एक-तिहाई पुलिसवाले बिना कारण के गलत रूप से निलंबित किये गए।
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दोषी पाए गए पुलिस वालों में भी 31 की विभागीय कार्यवाही चेतावनी दे कर और 15 को दलेल जैसा अत्यंत लघु दंड दे कर समाप्त किया गया।
11 मामलों में हाई कोर्ट ने कार्यवाही पर रोक लगा दी। कॉन्स्टेबल अनिल कुमार खन्ना, विनोद शंकर और नजीर मोहम्मद की तो निलंबन पत्रावली ही गायब है. इसके विपरीत इस अवधि में मात्र 19 कर्मचारी बर्खास्त किये गए।