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प्रमुख सचिव पर घूसखोरी का आरोप लगाने वाला हिरासत में, अखिलेश बोले- मामले की हो सीबीआई जांच
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Updated Fri, 08 Jun 2018 04:24 PM IST
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आरोपी अभिषेक गुप्ता और मामले के संबंध में राज्यपाल द्वारा सीएम को भेजा गया पत्र।
- फोटो : amar ujala
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रमुख सचिव शशि प्रकाश गोयल पर रिश्वत का आरोप लगाने वाले अभिषेक गुप्ता को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। उससे पूछताछ की जा रही है। इस मामले में सीएम योगी ने मुख्य सचिव राजीव कुमार को अभिषेक गुप्ता के हरदोई स्थित पेट्रोल पंप की स्थापना संबंधी मामले की तथ्यात्मक जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। उधर, यूपी के राज्यपाल रामनाईक ने भी सीएम योगी को पत्र भेजकर कहा है कि इस मामले में जांच कर समुचित कार्रवाई करें।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभिषेक गुप्ता के खिलाफ पुलिस को कुछ अहम सबूत मिले हैं। मालूम चला है कि अभिषेक ने भाजपा के प्रदेश महामंत्री सुनील बंसल का खास बनकर सीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव सुभ्रांत शुक्ला को फोन किया था। एसपी गोयल से जमीन के विनिमय की फाइल बढ़ाने की पैरवी कर रहा था। इसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस पूछताछ कर रही है।
अभिषेक गुप्ता को हिरासत में लिए जाने के बाद इंदिरानगर निवासी उसकी बहन अल्पना मेहरोत्रा और नाना ओम प्रकाश गुप्ता सीएम आवास पहुंचे। मीडिया से ओपी गुप्ता ने बताया कि सादी वर्दी में पहुंचे दो पुलिसकर्मियों ने सुबह 11:30 बजे के करीब उसे उठाकर गाड़ी में बैठाया और लेकर चले गए। परिवार के किसी भी सदस्य को कोई जानकारी नहीं दी कि कहां ले जा रहे हैं और अब भी कुछ पता नहीं चल सका है। अभिषेक की बहन और नान ने कहा कि हम सीएम से मिलकर उनके सामने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग रखेंगे। हालांकि, सीएम मौजूद नहीं थे। ये जानकारी होने पर वे सभी चले गए।
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आपको बता दें कि लखनऊ के रहने वाले अभिषेक गुप्ता ने यूपी सीएम के मुख्य सचिव एसपी गोयल पर 25 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। जिसके बाद गुरुवार की रात को हजरतगंज थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया था। मुख्यमंत्री के विशेष सचिव सुभ्रांत शुक्ला ने 28 मई को भाजपा के प्रदेश मुख्यालय को सूचित किया था कि इंदिरा नगर निवासी अभिषेक गुप्ता भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन और अन्य पदाधिकारियों के नाम लेकर अनुचित कार्य कराने का दबाव बना रहा है।
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सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अभिषेक गुप्ता के खिलाफ पुलिस को कुछ अहम सबूत मिले हैं। मालूम चला है कि अभिषेक ने भाजपा के प्रदेश महामंत्री सुनील बंसल का खास बनकर सीएम कार्यालय में मुख्यमंत्री के विशेष सचिव सुभ्रांत शुक्ला को फोन किया था। एसपी गोयल से जमीन के विनिमय की फाइल बढ़ाने की पैरवी कर रहा था। इसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर पुलिस पूछताछ कर रही है।
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अभिषेक गुप्ता को हिरासत में लिए जाने के बाद इंदिरानगर निवासी उसकी बहन अल्पना मेहरोत्रा और नाना ओम प्रकाश गुप्ता सीएम आवास पहुंचे। मीडिया से ओपी गुप्ता ने बताया कि सादी वर्दी में पहुंचे दो पुलिसकर्मियों ने सुबह 11:30 बजे के करीब उसे उठाकर गाड़ी में बैठाया और लेकर चले गए। परिवार के किसी भी सदस्य को कोई जानकारी नहीं दी कि कहां ले जा रहे हैं और अब भी कुछ पता नहीं चल सका है। अभिषेक की बहन और नान ने कहा कि हम सीएम से मिलकर उनके सामने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग रखेंगे। हालांकि, सीएम मौजूद नहीं थे। ये जानकारी होने पर वे सभी चले गए।
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आपको बता दें कि लखनऊ के रहने वाले अभिषेक गुप्ता ने यूपी सीएम के मुख्य सचिव एसपी गोयल पर 25 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था। जिसके बाद गुरुवार की रात को हजरतगंज थाने में धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया था। मुख्यमंत्री के विशेष सचिव सुभ्रांत शुक्ला ने 28 मई को भाजपा के प्रदेश मुख्यालय को सूचित किया था कि इंदिरा नगर निवासी अभिषेक गुप्ता भाजपा के प्रदेश महामंत्री संगठन और अन्य पदाधिकारियों के नाम लेकर अनुचित कार्य कराने का दबाव बना रहा है।
पेट्रोल पंप के लिए मांगी थी अतिरिक्त भूमि
भाजपा के प्रदेश कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित ने इसे पार्टी की छवि धूमिल करने वाली कार्रवाई बताया। उन्होंने एसएसपी को पत्र लिखकर कहा है कि अभिषेक गुप्ता न तो भाजपा कार्यकर्ता है ना ही कार्यालय में कार्यरत है। भारत दीक्षित ने पार्टी पदाधिकारियों के नाम का दुरुपयोग करने वाले गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की थी।
अभिषेक गुप्ता ने हरदोई जिले की संडीला तहसील केरैसो गांव में पेट्रोल पंप की स्थापना के लिए मुख्य मार्ग की चौड़ाई कम होने के कारण आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की मांग की थी। उनका आवेदन नियमानुसार न होने के कारण खारिज कर दिया गया था।
अभिषेक ने राज्यपाल से शिकायत की थी कि सीएम ऑफिस के एक अधिकारी ने उनसे 25 लाख रुपये की मांग की थी। रिश्वत न देने पर उनके प्रत्यावेदन पर निर्णय नहीं हो पाया है। राज्यपाल राम नाईक ने इस मामले में समुचित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।
अभिषेक गुप्ता ने हरदोई जिले की संडीला तहसील केरैसो गांव में पेट्रोल पंप की स्थापना के लिए मुख्य मार्ग की चौड़ाई कम होने के कारण आवश्यक भूमि उपलब्ध कराने की मांग की थी। उनका आवेदन नियमानुसार न होने के कारण खारिज कर दिया गया था।
अभिषेक ने राज्यपाल से शिकायत की थी कि सीएम ऑफिस के एक अधिकारी ने उनसे 25 लाख रुपये की मांग की थी। रिश्वत न देने पर उनके प्रत्यावेदन पर निर्णय नहीं हो पाया है। राज्यपाल राम नाईक ने इस मामले में समुचित कार्यवाही के लिए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा था।
कर रहे हैं पूछताछ
एसएसपी दीपक कुमार
- फोटो : amar ujala
प्रकरण के संबंध में लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार ने कहा कि भाजपा के प्रदेश कार्यालय प्रभारी भारत दीक्षित की तहरीर पर अभिषेक गुप्ता के खिलाफ आईपीसी की धारा 419,420,500 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।
इसी संबंध में अभिषेक गुप्ता को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। अभिषेक ने भाजपा के प्रदेश महामंत्री सुनील बंसल का खास बनकर सीएम के विशेष सचिव को फोनकर फाइल बढ़ाने की पैरवी की थी। इसकी ऑडियो क्लिप पुलिस के पास है। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसी संबंध में अभिषेक गुप्ता को पूछताछ और बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया है। अभिषेक ने भाजपा के प्रदेश महामंत्री सुनील बंसल का खास बनकर सीएम के विशेष सचिव को फोनकर फाइल बढ़ाने की पैरवी की थी। इसकी ऑडियो क्लिप पुलिस के पास है। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मामले की हो सीबीआई जांच : अखिलेश यादव
अभिषेक गुप्ता को हिरासत में लिए जाने के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार को घेरा है। उन्होंने कहा कि बीजेपी सरकार के सबसे बड़े अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगना बहुत बड़ी बात है। रिश्वत लेना और देना दोनों ही अपराध है। इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए।
शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि जिसने शिकायत की सरकार ने उसी को जेल भेज दिया है। अरे कम से कम मामले की निष्पक्ष जांच तो करा लेते फिर एक्शन लेते। इस मामले में सरकार को सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि अब तो भाजपा के विधायक ही अपनी सरकार में भ्रष्टाचार से परेशान होकर चिल्ला रहे हैं।
शुक्रवार को मीडिया से मुखातिब अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा कि जिसने शिकायत की सरकार ने उसी को जेल भेज दिया है। अरे कम से कम मामले की निष्पक्ष जांच तो करा लेते फिर एक्शन लेते। इस मामले में सरकार को सीबीआई से निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए क्योंकि अब तो भाजपा के विधायक ही अपनी सरकार में भ्रष्टाचार से परेशान होकर चिल्ला रहे हैं।