लखनऊ के इस अस्पताल में सऊदी अरब से सर्जरी कराने आया युवक
संजय गांधी पीजीआई के सर्जिकल गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग के डॉ. अशोक कुमार ने सऊदी अरब के एक मरीज को ‘फीकल इन्कॉन्टिनेंस’ की समस्या से निजात दिला दी।
इस बीमारी में मरीज की मल रोकने की क्षमता खत्म हो जाती है, जिससे मल हर समय रिसता रहता है। मरीज को सऊदी अरब में जब कहीं भी फायदा नहीं नहीं हुआ तो उसने इंटरनेट से एसजीपीजीआई के डॉक्टरों के बारे में जानकारी कर लखनऊ पहुंचा।
मंगलवार को यह मरीज फॉलोअप के लिए पीजीआई पहुंचेगा। सर्जिकल गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग के डॉ. अशोक कुमार ने बताया सऊदी अरब के इस मरीज को पाइल्स (बवासीर) की दिक्कत थी।
लगभग 55 वर्षीय मरीज ने पहले कहीं सर्जरी करायी थी। सर्जन की गलती से मल को नियंत्रित करने वाली नर्व ‘एनल स्फिंटर’ क्षतिग्रस्त हो गई। मलद्वार पर स्थित इस स्फिंटर का कार्य मल को बाहर निकलने से रोकना होता है।
डॉ अशोक कुमार से ई-मेल से किया था संपर्क
स्फिंटर क्षतिग्रस्त होने से मल अपने आप बाहर निकलता रहता था। उसे इंटरनेट पर सर्जिकल गैस्ट्रोइंट्रोलॉजी विभाग के डॉ. अशोक कुमार के बारे में पता चला तो ई-मेल से संपर्क किया।
उसकी रिपोर्ट देखने के बाद उसे लखनऊ बुला लिया गया। जांचों के बाद बीते बुधवार (4 अप्रैल) को सर्जरी कर ‘एनल स्फिंटर’ को ठीक कर दिया गया। इसके बाद 6 अप्रैल को उसे डिस्चार्ज कर दिया गया।
मंगलवार को मरीज अंतिम जांच के लिए आएगा। इसके बाद उसे सऊदी अरब जाने की अनुमति दे दी जाएगी। डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि सर्जरी के बाद मरीज सामान्य हो जाएगा।