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Lucknow News : हाईकोर्ट ने कहा, सरकारी वकीलों की तैनाती प्रक्रिया में बदलाव की जरूरत
Sun, 19 Mar 2023 10:12 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Sun, 19 Mar 2023 10:12 PM IST
सार
कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति राजन रॉय की खंडपीठ ने यह आदेश महेंद्र सिंह पवार की 2017 में दायर जनहित याचिका पर दिया। इसमें, हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में तैनात किए गए सरकारी वकीलों की नियुक्ति में गड़बड़ी के आरोप लगाकर कानून के तहत नियुक्ति किए जाने का आग्रह किया गया था।
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लखनऊ हाईकोर्ट
विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने हाईकोर्ट में सरकारी वकीलों की तैनाती में धांधली के आरोप वाली वर्ष 2017 में दायर जनहित याचिका को नई याचिका के साथ 28 मार्च को सूचीबद्ध करने का आदेश दिया है।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायमूर्ति प्रीतिंकर दिवाकर और न्यायमूर्ति राजन रॉय की खंडपीठ ने यह आदेश महेंद्र सिंह पवार की 2017 में दायर जनहित याचिका पर दिया। इसमें, हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में तैनात किए गए सरकारी वकीलों की नियुक्ति में गड़बड़ी के आरोप लगाकर कानून के तहत नियुक्ति किए जाने का आग्रह किया गया था। इसके बाद पिछ्ले साल तीन स्थानीय वकीलों ने फिर एक याचिका दायर कर लखनऊ पीठ में तैनात किए गए सीएससी, एसीएससी, स्थायी अधिवक्ता, ब्रीफ होल्डर्स की नियुक्ति सम्बंधी गत एक अगस्त के राज्य सरकार के आदेश को चुनौती दी है।
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पहले, कोर्ट ने बदलते वक्त के साथ राज्य सरकार की तरफ से सरकारी वकीलों की आबद्धता(तैनाती) प्रक्रिया में आवश्यक बदलाव की जरुरत बताई थी। कोर्ट ने राज्य सरकार को अपनी पसंद के सरकारी वकील आबद्ध करने के हक से इनकार किए बगैर कहा था कि इनकी आबद्धता को भिन्न पायदान पर देखना होगा। क्योंकि इनको सरकारी कोष से भुगतान किया जाता है,जो राज्य के लोगों का धन है। ऐसे में सरकारी वकीलों की आबद्धता की प्रक्रिया भरोसेमंद व किसी भी मनमानेपन से मुक्त होनी चाहिए।
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कोर्ट ने इस अहम टिप्पणी के साथ महाधिवक्ता अजय कुमार मिश्र को सरकारी वकीलों की आबद्धता प्रक्रिया के मौजूदा सेटअप पर फिर से गौर करने और अधिक ठोस व साफ सुथरी, पारदर्शी प्रक्रिया बनाने को कहा था। साथ ही आदेश दिया था कि अगली सुनवाई पर नए सरकारी वकीलों की आबद्धता में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया समेत पिछले तीन बार की आबद्धता में अपनाई गई प्रक्रिया को पेश किया जाय।