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Lucknow News : हाईकोर्ट ने कहा, पाटीदार को पुलिस कस्टडी में न देने का आदेश गलत
Fri, 18 Nov 2022 10:22 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Fri, 18 Nov 2022 10:22 AM IST
सार
हाईकोर्ट ने कहा कि विशेष अदालत ने बिना समुचित विचार के अपना आदेश पारित कर दिया। वहीं, पाटीदार की नये सिरे से पुलिस रिमांड की मांग पर हाईकोर्ट ने कहा कि न्यायिक हिरासत के 15 दिन की अवधि के भीतर ही किसी अभियुक्त की पुलिस रिमांड मंजूर की जा सकती है।
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लखनऊ हाईकोर्ट
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम अदालत, लखनऊ के विशेष जज द्वारा दागी आईपीएस अफसर मणिलाल पाटीदार को पुलिस रिमांड पर न देने के फैसले को गलत पाया है। साथ ही कहा है कि कानून के हिसाब से पाटीदार को अब पुलिस कस्टडी में पूछताछ के लिए नहीं दिया जा सकता है, क्योंकि सरकार ने समय निकल जाने के बाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है।
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न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की एकल पीठ ने राज्य सरकार की ओर से दाखिल रिवीजन याचिका को निस्तारित करते हुए यह कहा कि वह चाहे तो अन्य कानूनी विकल्पों पर विचार कर सकती है। सरकार ने विशेष अदालत के 9 नवंबर के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। इसमें बताया कि विशेेष अदालत ने यह कहकर पुलिस रिमांड देने से मना कर दिया था कि जांच एजेंसी ने रिमांड अर्जी में इसकी अवधि का जिक्र नहीं किया था। जबकि सरकार के अनुसार अर्जी में साफ-साफ लिखा था कि उसे आठ दिन की रिमांड चाहिए।
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हाईकोर्ट ने कहा कि विशेष अदालत ने बिना समुचित विचार के अपना आदेश पारित कर दिया। वहीं, पाटीदार की नये सिरे से पुलिस रिमांड की मांग पर हाईकोर्ट ने कहा कि न्यायिक हिरासत के 15 दिन की अवधि के भीतर ही किसी अभियुक्त की पुलिस रिमांड मंजूर की जा सकती है। इस केस में 15 दिन की न्यायिक रिमांड की अवधि 13 नवंबर को ही पूरी हो गई, जबकि सरकार की याचिका उसके सामने 14 नवंबर को पेश हुई।
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