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Lucknow News: सॉल्वर गैंग का भंडाफोड़, सिपाही समेत सात गिरफ्तार, एसएससी की जीडी कांस्टेबल परीक्षा में सेंधमारी

Thu, 19 Jan 2023 12:01 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, अमर उजाला, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 19 Jan 2023 12:01 AM IST
सार

एसटीएफ के प्रभारी एसएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि 10 जनवरी से 13 जिलों में जीडी कांस्टेबल की परीक्षा 61 केंद्रों पर ऑनलाइन हो रही हैं। गोरखपुर टीम से मिले इनपुट के आधार पर मंगलवार को कुर्सी रोड टेढ़ी पुलिया स्थित सिन्को लर्निंग परीक्षा केंद्र पर टीम ने दबिश दी थी।

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Lucknow News: Solver gang busted, seven including constable arrested, burglary in SSC GD constable exam
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

एसएससी (कर्मचारी चयन आयोग) की जीडी कांस्टेबल परीक्षा में सेंधमारी करने वाले गिरोह का एसटीएफ ने राजफाश कर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। इनमें गिरोह का सरगना सिपाही, तीन सॉल्वर व तीन अभ्यर्थी शामिल हैं। एसटीएफ ने इनके पास से चार प्रवेश पत्र, आठ मोबाइल, 11 आधार कार्ड, तीन निर्वाचन कार्ड, 18 मिक्सिंग फोटो, दो पैन कार्ड, एक एटीएम, एक ड्राइविंग लाइसेंस व एक एनपीएस कार्ड बरामद किया है।

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एसटीएफ के प्रभारी एसएसपी विशाल विक्रम सिंह ने बताया कि 10 जनवरी से 13 जिलों में जीडी कांस्टेबल की परीक्षा 61 केंद्रों पर ऑनलाइन हो रही हैं। गोरखपुर टीम से मिले इनपुट के आधार पर मंगलवार को कुर्सी रोड टेढ़ी पुलिया स्थित सिन्को लर्निंग परीक्षा केंद्र पर टीम ने दबिश दी थी। यहां से बिहार के तीन सॉल्वर व तीन अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया गया। इनसे मिली जानकारी के जरिये गैंग के सरगना सिपाही अच्युतानंद यादव को भी पकड़ा गया। वर्तमान में सिपाही की तैनाती अयोध्या में है। विभागीय कार्रवाई के लिए एसटीएफ ने अयोध्या एसएसपी को रिपोर्ट भेजी है। अच्युतानंद ही लंबे समय से सॉल्वर गैंग चलाकर लाखों रुपये बटोर रहा था।
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अभ्यर्थी से वसूलते थे लाखों, सॉल्वर को देते थे 20-30 हजार
एसटीएफ की पूछताछ में आरोपी सिपाही ने बताया कि वह अभ्यर्थियों से तीन से पांच लाख रुपये वसूलता था। इसमें से प्रत्येक सॉल्वर को 20-30 हजार रुपये देता था। गिरोह में कई और लोग भी शामिल हैं। इनमें सरगना के करीबी, सॉल्वर व अभ्यर्थी हैं। इनकी कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।
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इस तरह गिरोह तक पहुंची एसटीएफ
प्रयागराज निवासी सलमान व अमित नाम के शख्स भी गिरोह से जुड़े हैं। अमित फोटो की मिक्सिंग करता है। इसी आधार पर एसटीएफ ने डाटा व मोबाइल नंबर जुटाए। जांच आगे बढ़ी तो सरगना समेत अन्य आरोपी बेनकाब हुए। अमित व सलमान की तलाश जारी है।

ये हुए गिरफ्तार
- गैंग लीडर सिपाही अच्युतानंद यादव, बांसगांव, गोरखपुर
- सॉल्वर राकेश कुमार यादव, बक्सर, बिहार
- सॉल्वर विवेक कुमार सिंह गांव गोच्छी कुसहर, पूर्वी चम्पारण बिहार
- सॉल्वर मनोज कुमार झा, समस्तीपुर, बिहार
- अभ्यर्थी केशवानंद, सोरांव, प्रयागराज
- अभ्यर्थी गुड्डू यादव, सहजनवा, गोरखपुर
- अभ्यर्थी मनोज यादव, खजनी, गोरखपुर

सिपाही तीन साल से चला रहा था गैंग, राह चलते खोजते थे सॉल्वर

सिपाही अच्युतानंद यादव पिछले तीन साल से सॉल्वर गैंग चला रहा था। सैकड़ों अभ्यर्थियों को सॉल्वर के जरिये कई परीक्षाएं पास कराईं। करोड़ों रुपये गिरोह ने वसूले। आरोपी राह चलते कोचिंग के मेधावियों को अपने जाल में फंसाते थे। रुपयों का लालच देकर उनको सॉल्वर बनाते थे। रकम मिलने पर ये छात्र गिरोह के साथ जुड़कर काम करने लगते थे। ये सभी तथ्य एसटीएफ की जांच में सामने आए हैं। 

एसटीएफ सीओ लाल प्रताप सिंह के मुताबिक अच्युतानंद यादव अपने साथी सलमान व अमित के साथ मिलकर गैंग चलाता था। अमित व सलमान का मुख्य काम फर्जी दस्तावेज जैसे प्रवेश पत्र आदि तैयार करना रहता था। गिरोह में शामिल गुड्डू यादव अभ्यर्थियों व सॉल्वरों को तलाश कर लाता था। गिरोह परीक्षा पास कराने का ठेका लेता था। तीन से पांच लाख रुपये में डील करता। 25-30 फीसदी रकम पहले वसूलते थे। बाकी की रकम परीक्षा पास होने के बाद लेते थे। रकम का लेनदेन नकद ही रहता था। 

गिरफ्तार सॉल्वर दे चुके हैं कई परीक्षाएं 
एसटीएफ सीओ के मुताबिक सॉल्वर मनोज कुमार झा ने 11 जनवरी को मेट्रो नेटवर्क सॉल्यूशन खरगापुर गोमतीनगर परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी जियाउल हुसैन के स्थान पर परीक्षा दी थी। 16 जनवरी को योर लिटिल एंजल होम सेक्टर डी एलडीए कॉलोनी आशियाना स्थित परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी सुजीत कुमार के स्थान पर परीक्षा में शामिल हुआ था। सॉल्वर राकेश 22 अक्तूबर 2022 को डीआईटी एजुकेशन सेंटर पर गुड्डू यादव की जगह पर और 16 जनवरी को यूबी ऑनलाइन सॉल्यूशन, खरगापुर गोमतीनगर परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थी आफताब आलम की जगह पर परीक्षा दी थी। इस बार वह मंगलवार को आईओएन डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर विपिन नाम के अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने पहुंचा था। वहीं, विवेक कुमार सिंह केशवानंद की जगह परीक्षा देने वाला था। इसी तरह से गिरोह से जुड़े कई सॉल्वर अलग-अलग परीक्षाओं में शामिल हो चुके हैं। 

सिपाही ने खुद तैयार किया था फर्जी प्रवेश पत्र
आरोपी सिपाही अच्युतानंद ने अपना भी एक फर्जी प्रवेश पत्र तैयार किया था। इसके आधार पर उसने विभाग से दस दिन की छुट्टी मांगी थी। सीओ एसटीएफ के मुताबिक सिपाही चाहता था कि वह परीक्षाओं के दौरान अलग-अलग परीक्षा केंद्रों पर खुद मौजूद रहे। हालांकि उसे छुट्टी नहीं मिली थी। एसटीएफ ने उसका फर्जी प्रवेश पत्र भी बरामद कर लिया है। 

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