{"_id":"631df310273c6a3bf225c8fd","slug":"lucknow-news-permission-given-for-operation-first-now-in-action-90-percent-private-hospitals-running-witho","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lucknow News : पहले संचालन की दी अनुमति, अब कार्रवाई में जुटे, बिना फायर एनओसी चल रहे 90 फीसदी निजी अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lucknow News : पहले संचालन की दी अनुमति, अब कार्रवाई में जुटे, बिना फायर एनओसी चल रहे 90 फीसदी निजी अस्पताल
Mon, 12 Sep 2022 12:36 AM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Mon, 12 Sep 2022 12:36 AM IST
सार
निजी अस्पताल फायर के मानक पूरे न करने पड़े इसके लिए तीन चार फायर सिलेंडर अस्पताल में टांगकर फायर के सभी मानक पूरे होने का दावा कर रहे हैं।
विज्ञापन
फायर उपकरण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मैं कसम खाता हूं, मेरे जरिए अस्पताल में फायर के उपकरण पूरे किए गए हैं। इसके बाद भी कोई भी अग्निकांड की घटना घटित होगी तो इसकी जिम्मेदारी अस्पताल की होगी। निजी अस्पताल फायर के मानक पूरे न करने पड़े इसके लिए तीन चार फायर सिलेंडर अस्पताल में टांगकर फायर के सभी मानक पूरे होने का दावा कर रहे हैं। शपथ पत्र लेकर निजी अस्पतालों को खुद की जिम्मेदारी देकर संचालन कराया जाता है। फायर उपकरणों की जांच तक नहीं होती है।
विज्ञापन
लखनऊ के करीब 1200 से अधिक निजी अस्पतालों का संचालन हो रहा है। इसमें 90 फीसदी अस्पतालों पास फायर एनओसी न होने बाद भी सालों से संचालन हो रहा है। कॉरपोरेट अस्पतालों समेत कुछ अन्य बड़े अस्पतालों पास फायर एनओसी है। छोटे व मध्यमवर्गीय अस्पतालों के संचालन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जुगाड़ का रास्ता खोज कर दिया था। अस्पताल पंजीकरण-नवीनीकरण वक्त फायर मानकों का शपथ पत्र लेकर उनका पंजीकरण किया जा रहा है। सीएमओ कार्यालय में पंजीकरण वक्त फायर की मानकों की अनदेखी की जाती रही।
विज्ञापन
सीएमओ डॉ. मनोज अग्रवाल के मुताबिक, शासन के नए आदेश के तहत तीन मंजिला भवन-अस्पताल के लिए फायर की एनओसी जरूरी नहीं है मगर उनके यहां पर फायर के सभी उपकरण होना जरूरी है। टीम जरिए सभी निजी अस्पतालों की जांच कराकर उन्हें नोटिस दी जा रही है। जिन भी अस्पताल में फायर उपकरण खराब मिल रहे हैं उन अस्पताल का संचालन रोका जा रहा है।
विज्ञापन