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Lucknow News : केजीएमयू में 45 मिनट लिफ्ट में फंसे रहे मरीज-तीमारदार, पुलिस और फायर ब्रिगेड ने बाहर निकाला
Wed, 22 Nov 2023 10:54 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Wed, 22 Nov 2023 10:54 PM IST
सार
लिफ्ट में फंसे धनन्जय गुप्ता ने बताया कि वे बिहार से अपने रिश्तेदार प्रमोद कुमार रंजन को दिखाने आए थे। बुधवार सुबह करीब आठ बजे उनको पांचवीं मंजिल पर इंडोस्कोपी के लिए जाना था। पर, लिफ्ट वहां रुकने के बजाय सीधे नौ नंबर पर पहुंच गई।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
विस्तार
केजीएमयू के शताब्दी फेज-2 भवन में बुधवार को नौवीं मंजिल पर करीब 45 मिनट मरीज और तीमारदार लिफ्ट में फंसे रहे। तीमारदार दरवाजा पीटते रहे। जब कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो उन्होंने 112 नंबर डायल कर पुलिस को सूचना दी। फायरब्रिगेड और पुलिस की टीम ने उन्हें बाहर निकाला।
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लिफ्ट में फंसे धनन्जय गुप्ता ने बताया कि वे बिहार से अपने रिश्तेदार प्रमोद कुमार रंजन को दिखाने आए थे। बुधवार सुबह करीब आठ बजे उनको पांचवीं मंजिल पर इंडोस्कोपी के लिए जाना था। पर, लिफ्ट वहां रुकने के बजाय सीधे नौ नंबर पर पहुंच गई। लिफ्ट में उस समय कुल पांच लोग थे। थोड़ी देर तक हम सभी लिफ्ट का गेट खुलने का इंतजार करते रहे। जब गेट नहीं खुला तो आवाज देनी शुरू की। कोई प्रतिक्रिया नहीं आई तो गेट को पीटना शुरू कर दिया। दरअसल, नौवें तल पर कोई विभाग नहीं है। इसलिए दरवाजा पीटने पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
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अलार्म भी बजाया, इसपर भी कोई नहीं आया
धनन्जय बताते हैं कि मैंने अलार्म भी बजाया, लेकिन इसपर भी कोई नहीं आया। करीब आधे घंटे के बाद मैंने 112 नंबर पर डायल करके पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने फायर ब्रिगेड से संपर्क कराया। इसके करीब 10 से 15 मिनट में पुलिस, फायर ब्रिगेड के साथ ही केजीएमयू प्रशासन से जुड़े लोग पहुंचे। इसके बाद लिफ्ट खोलकर हमें बाहर निकाला गया। इतनी देर तक लिफ्ट में फंसे रहने की वजह से मरीज की हालत खराब होने लगी। घबराहट और पसीना आने पर बाकी लोग प्रमोद रंजन को दिलासा देते रहे।
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काम कर रहे हैं अलार्म
लिफ्ट में लगा अलार्म काम कर रहा है। शायद वे अनभिज्ञतावश उसका इस्तेमाल नहीं कर सके। पुलिस से सूचना मिलने पर सभी को सकुशल निकाला गया। - सीएमएस, केजीएमयू