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Lucknow News: पीजीआई की रद्द भर्ती परीक्षा पर अभ्यर्थियों ने उठाए पांच सवाल, जांच की मांग
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माई सिटी रिपोर्टर
लखनऊ। पीजीआई की रद्द भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थी कई सवाल उठा रहे हैं। अभ्यार्थियों का कहना है कि पीजीआई प्रशासन ने एक ही विज्ञापन पर जारी अलग-अलग पदों की परीक्षाएं एक समय न कराकर कई बार में करायी हैं। रद्द की गई परीक्षाओं को कराने में बहुत देर की है। साथ ही प्रारंभिक परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों को पूरे अंक दिये जाने का आरोप लगाया है। साथ ही यदि बायोमेट्रिक सत्यापन में तकनीकी दिक्कत थी, तो कुछ को केन्द्र के भीतर ले लिया। जबकि अन्य परीक्षार्थियों को बाहर रोके रखा। अभ्यर्थियों ने पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है। गोमतीनगर स्थित तीन परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन में अनियमितता होने और प्रवेश में देरी पर अभ्यर्थियों ने हंगामा काटा था। इसके बाद संस्थान ने पहले इन तीन केंद्र गोमतीनगर के छोटा भरवारा स्थित एसडीएसएन डिग्री कॉलेज, एसडीएसएन पब्लिक स्कूल और जूरिस कॉलेज ऑफ लॉ की परीक्षा रद्द की और बाद में हॉस्पिटल अटेंडेंट और नर्सिंग आफीसर की भर्ती परीक्षा रद्द कर दी। संस्थान प्रशासन ने मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी है।
अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया पर पांच प्रमुख सवाल उठाए हैं। इनका आरोप है कि प्रारंभिक परीक्षा ऑनलाइन कराने के बाद मुख्य परीक्षा ऑफलाइन कराने का नोटिफिकेशन अचानक जारी किया गया। जुलाई में प्रस्तावित मुख्य परीक्षा नवंबर में करायी। प्रारंभिक परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों को 100 में 100 अंक मिलने पर भी आपत्ति जतायी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा रद्द करने से देश भर से आए इनका समय और परेशानी हुई। संस्थान को परीक्षा निरस्त करने के साथ ही इन सभी सवालों का जवाब भी देना चाहिए। पीजीआई के हॉस्पिटल अटेंडेंट और नर्सिंग आफीसर भर्ती की परीक्षा एक नवम्बर को शहर के सात केन्द्रों पर करीब 8500 अभ्यर्थियों की परीक्षा थी।
लखनऊ। पीजीआई की रद्द भर्ती परीक्षा को लेकर अभ्यर्थी कई सवाल उठा रहे हैं। अभ्यार्थियों का कहना है कि पीजीआई प्रशासन ने एक ही विज्ञापन पर जारी अलग-अलग पदों की परीक्षाएं एक समय न कराकर कई बार में करायी हैं। रद्द की गई परीक्षाओं को कराने में बहुत देर की है। साथ ही प्रारंभिक परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों को पूरे अंक दिये जाने का आरोप लगाया है। साथ ही यदि बायोमेट्रिक सत्यापन में तकनीकी दिक्कत थी, तो कुछ को केन्द्र के भीतर ले लिया। जबकि अन्य परीक्षार्थियों को बाहर रोके रखा। अभ्यर्थियों ने पूरी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग की है। गोमतीनगर स्थित तीन परीक्षा केंद्रों पर बायोमेट्रिक सत्यापन में अनियमितता होने और प्रवेश में देरी पर अभ्यर्थियों ने हंगामा काटा था। इसके बाद संस्थान ने पहले इन तीन केंद्र गोमतीनगर के छोटा भरवारा स्थित एसडीएसएन डिग्री कॉलेज, एसडीएसएन पब्लिक स्कूल और जूरिस कॉलेज ऑफ लॉ की परीक्षा रद्द की और बाद में हॉस्पिटल अटेंडेंट और नर्सिंग आफीसर की भर्ती परीक्षा रद्द कर दी। संस्थान प्रशासन ने मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी है।
अभ्यर्थियों ने परीक्षा प्रक्रिया पर पांच प्रमुख सवाल उठाए हैं। इनका आरोप है कि प्रारंभिक परीक्षा ऑनलाइन कराने के बाद मुख्य परीक्षा ऑफलाइन कराने का नोटिफिकेशन अचानक जारी किया गया। जुलाई में प्रस्तावित मुख्य परीक्षा नवंबर में करायी। प्रारंभिक परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों को 100 में 100 अंक मिलने पर भी आपत्ति जतायी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा रद्द करने से देश भर से आए इनका समय और परेशानी हुई। संस्थान को परीक्षा निरस्त करने के साथ ही इन सभी सवालों का जवाब भी देना चाहिए। पीजीआई के हॉस्पिटल अटेंडेंट और नर्सिंग आफीसर भर्ती की परीक्षा एक नवम्बर को शहर के सात केन्द्रों पर करीब 8500 अभ्यर्थियों की परीक्षा थी।
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