फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   LUCKNOW NEWS

मुकदमों को मुल्तवी कराने की प्रवृत्ति छोड़ें वकील : हाईकोर्ट

Wed, 29 Nov 2023 02:11 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Wed, 29 Nov 2023 02:11 AM IST
विज्ञापन
LUCKNOW NEWS

विज्ञापन




मनोज कुमार सिंह

लखनऊ। वकील मुकदमों को मुल्तवी कराने की प्रवृत्ति छोड़ें। जज और वकील रथ के पहिये हैं। न्याय की गति बढ़ाने के लिए वकीलों को रथ का गियर बदलकर और पूरी दक्षता से कोर्ट का सहयोग करना चाहिए। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने व्यापारी नेता बनवारी लाल कंछल से जुड़े 32 साल पुराने मामले में मंगलवार को यह टिप्पणी की।



न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की एकल पीठ ने वर्ष 1991 के आपराधिक मामले में कंछल को निचली अदालत से दिए गए दोषसिद्धि के आदेश पर अपील के निस्तारण तक के लिए रोक लगा दी। सरकारी काम में बाधा पहुंचाने, जान माल की धमकी देने के हजरतगंज थाने से संबंधित इस केस में निचली अदालत ने इसी साल कंछल को दोषी करार दिया था। साथ ही दो साल के कारावास व 5000 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके खिलाफ कंछल ने सत्र न्यायाधीश लखनऊ के समक्ष अपील की थी। इसके बाद सजा के आदेश पर रोक लगा दी गई थी, लेकिन दोषसिद्धि बरकरार थी। इसपर भी रोक लगाने के आग्रह के साथ कंछल ने अधिवक्ता अमित जायसवाल के माध्यम से यह अर्जी हाईकोर्ट में दाखिल की थी।
विज्ञापन




सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पाया कि एक अधिवक्ता अन्य अदालत में व्यस्त होने की बात कहकर केस को मुल्तवी कराते रहे। इससे निस्तारण में समय लगा। कोर्ट ने कहा कि अदालतें वकीलों की सुविधा का ध्यान रखती हैं। पर, हम पूरी न्यायिक प्रणाली के बदलते परिदृश्य की अनदेखी नहीं कर सकते। कोर्ट ने कहा, 31 दिसंबर 2020 तक लखनऊ पीठ में फौजदारी के हर तरह के 2,14,410 मुकदमे विचाराधीन थे। न्यायाधीश तो न्याय देने की गति बढ़ाकर लंबित मुकदमों की संख्या कम करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वकीलों के पूरे सहयोग के बगैर वे ऐसा नहीं कर सकते। न्यायरथ को गति देने के लिए वकीलों को भी गियर बदलना चाहिए। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed