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एकेटीयू : पूर्व रजिस्ट्रार सचिन कुमार सिंह के खिलाफ आरोप सही मिले

Tue, 07 Nov 2023 12:52 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Tue, 07 Nov 2023 12:52 AM IST
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LUCKNOW NEWS
लखनऊ। एकेटीयू के पूर्व रजिस्ट्रार सचिन कुमार सिंह के खिलाफ राजभवन के निर्देश पर कराई गई जांच की रिपोर्ट सोमवार को कार्यपरिषद की बैठक में रखी गई। विवि की छह घंटे से अधिक चली इस मैराथन बैठक में इस रिपोर्ट को पूरा पढ़ा गया। इसके अनुसार पूर्व रजिस्ट्रार के साथ आरोपों में शामिल विश्वविद्यालय व आईईटी के अधिकारियों की जांच कराई जाएगी।
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बैठक दोपहर लगभग ढाई बजे शुरू हुई और रात लगभग साढ़े आठ बजे तक चली। बैठक में अन्य मुद्दों के साथ ही साथ पूर्व रजिस्ट्रार सचिन कुमार सिंह के खिलाफ लगे आरोपों की जांच के लिए गठित पूर्व जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय जांच कमेटी की रिपोर्ट रखी गई। रिपोर्ट में पूर्व रजिस्ट्रार पर लगे कई आरोप भी सही पाए गए। साथ ही यह भी बताया गया कि इसमें उनका विवि व घटक संस्थान आईईटी के कुछ अधिकारियों ने भी साथ दिया। कार्य परिषद ने यह निर्णय लिया कि इस मामले में शामिल विश्वविद्यालय व आईईटी के अन्य अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराई जाए। ऐसे में इस मामले की जांच का दायरा और बढ़ेगा। बता दें कि पूर्व रजिस्ट्रार सचिन कुमार सिंह पर वित्तीय अनियमितता, सस्टेनेबिलिटी फंड में भुगतान, आईईटी में बाउंड्रीवाल के निर्माण, हॉस्टल मरम्मत, जांच में सहयोग न करने आदि के आरोपों की जांच कराई गई थी। यह जांच काफी लंबी चली थी।
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इस मामले में कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि कार्य परिषद में पूर्व रजिस्ट्रार से जुड़ी जांच रिपोर्ट रखी गई। कार्य परिषद ने यह निर्देश दिए हैं कि विश्वविद्यालय व आईईटी के लोगों की भूमिका की जांच कराई जाएगी। वहीं प्राविधिक शिक्षा के प्रमुख सचिव एम. देवराज ने कहा कि बैठक में कई मुद्दों पर निर्णय लिया गया है। इस बारे में विवि प्रशासन जल्द विस्तृत दिशा-निर्देश जारी करेगा।
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चार राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के बजट पर मुहर

विवि की छह घंटे चली मैराथन बैठक में विश्वविद्यालय के छात्रों की स्किल ट्रेनिंग कराए जाने, प्रदेश के 100 संस्थानों में इनक्यूबेशन सेंटर खोलने पर सहमति दी गई। साथ ही प्रदेश में नए खुले चार राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों के प्राथमिक संचालन के लिए बजट भी स्वीकृत किया गया। परिषद ने डीन की नियुक्ति व दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि तय करने के लिए कुलपति को अधिकृत किया गया।
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