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Lucknow : रहीमाबाद थाना भ्रष्ट... दर्ज किया झूठा केस, यह लिखकर प्रतियोगी छात्र ने दे दी जान
Mon, 12 Jun 2023 05:51 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jun 2023 05:51 AM IST
सार
ऐसा लिखकर माल के गहदों निवासी प्रतियोगी छात्र आशीष कुमार (22) ने रविवार दोपहर करीब 12 बजे खुदकुशी कर ली।
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ACP Malihabad
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रहीमाबाद थाना भ्रष्ट है...। मुझपर झूठा केस दर्ज किया...। फाइनल रिपोर्ट लगाने के लिए दरोगा राजमणि पाल, लल्लन प्रसाद पाल व सिपाही मोहित शर्मा ने 50 हजार रुपये मांगे...। नहीं दिया तो चार्जशीट लगा दी। ऐसा लिखकर माल के गहदों निवासी प्रतियोगी छात्र आशीष कुमार (22) ने रविवार दोपहर करीब 12 बजे खुदकुशी कर ली। उसका शव कमरे में पंखे के कुंडे से लटका मिला। महकमे की किरकिरी होता देख पुलिस कमिश्नर एसबी शिरडकर ने रात 8.30 बजे दोनों दरोगा व सिपाही को लाइनहाजिर कर दिया। साथ ही इन सबके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू करा दी। देर रात तीनों पुलिसकर्मियों समेत पांच के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज लिया गया।
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प्रभारी निरीक्षक रहीमाबाद अख्तियार अंसारी के मुताबिक गहदों निवासी मयंक रावत ने दोपहर करीब एक बजे पुलिस को सूचना दी कि उसके भाई आशीष ने खुदकुशी कर ली है। मौके पर पहुंची पुलिस को कमरे से एक सुसाइड नोट मिला। इसमें दो दरोगा व एक सिपाही पर गंभीर आरोप लगाया गया था। वहीं, आशीष की मां सुशीला ने थाने में तहरीर देकर दरोगा राजमणि पाल व लल्लन प्रसाद पाल और सिपाही मोहित शर्मा के साथ ही बकतौरीपुर निवासी नंदू विश्वकर्मा व श्यामलाल के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग की। भाई मयंक ने बताया कि आशीष सिविल सर्विसेज के लिए तैयारी कर रहा था।
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वह मामला जिसने आशीष को जान देने पर मजबूर किया...
सुशीला के मुताबिक 8 दिसंबर 2018 को आशीष पिता महादेव के साथ नंदू विश्वकर्मा की दुकान पर ट्राॅली खरीदने गया था। वहां पर किसी बात पर नंदू से कहासुनी हो गई। इसपर नंदू के मजदूरों ने आशीष के सिर पर सरिया से वार कर घायल कर दिया था। पिता महादेव ने नंदू व उसके मजदूरों पर माल थाने में केस दर्ज कराया था। इस मुकदमे में समझौते के लिए नंदू लगातार आशीष व उसके पिता महादेव पर दबाव बना रहा था। सुशीला का आरोप है कि समझौता नहीं करने पर नंदू ने शिवपुरी निवासी अपने मित्र श्यामलाल से रहीमाबाद थाने में 28 सितंबर 2022 को एक तहरीर दिलवाई। इसमें श्यामलाल ने बताया कि वह महादेव के घर में स्थित मौरंग व गिट्टी की दुकान में सामान खरीदने गया था। वहां खरीदारी के दौरान आशीष व उसके भाई मयंक ने मारपीट की। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया। तब दरोगा राजमणि पाल ने दुकान व घर पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखने के बाद मामले को रफादफा करने की बात कही थी।
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अंतिम रिपोर्ट लगाने के लिए पैसे नहीं देने पर धमकाने लगे
सुशीला का आरोप है कि दरोगा राजमणि पाल, लल्लन प्रसाद पाल व सिपाही मोहित शर्मा ने आशीष व मयंक पर दर्ज केस में अंतिम रिपोर्ट लगाने की बात कही। इसके लिए तीनों ने 50 हजार रुपये की मांग की। कहा कि, रुपये दे दो मुकदमे को खत्म कर दूंगा। रुपये देने से इनकार करने पर धमकी देने लगे। इसके बाद दूसरे पक्ष से मिलकर कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी।
चार्जशीट से नौकरी मिलने में दिक्कत होगी, इसको लेकर डिप्रेशन में चला गया आशीष
मां सुशीला के मुताबिक केस में चार्जशीट लगने के बाद आशीष डिप्रेशन में चला गया। उसे हर वक्त यही चिंता सताती रहती कि इसकी वजह से उसे सरकारी नौकरी मिलने में दिक्कत होगी। वह अक्सर कमरे में गुमसुम बैठा रहता या रोता रहता था।
दो पन्नों का सुसाइड नोट
आशीष ने दुकान में रखे एक सीमेंट कंपनी के एस्टीमेट बुक के दो पन्नों पर सुसाइड नोट लिखा है। इसमें उसने लिखा कि हमने इनसे ( दरोगा राजमणि पाल, लल्लन प्रसाद पाल व सिपाही मोहित शर्मा) कहा कि हमारे घर पर सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। उनको चेक कर लो। धोखे से हम सब भाइयों को थाने पर बुलाकर सादे कागज व आधार कार्ड पर दस्तखत करा लिए...। मैं खुदकुशी करने जा रहा हूं। रहीमाबाद थाना पूरा भ्रष्ट है...।
एसीपी मलिहाबाद करेंगे जांच
एडीसीपी चिरंजीव नाथ सिन्हा के मुताबिक तीनों पुलिसकर्मियों समेत पांच पर आईपीसी की धारा 306 (आत्महत्या के लिए उकसाना) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। एडीसीपी ने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर तीन नामजद और दो अन्य पर मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच एसीपी मलिहाबाद वीरेंद्र विक्रम सिंह को सौंपी गई है। जांच के बाद इनपर कार्रवाई की जाएगी।