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Lucknow News : लोहिया के डॉक्टर पर 35 लाख का जुर्माना, विदेश में नौकरी ज्वाइन किया और नहीं भेजा त्याग पत्र
Thu, 15 Dec 2022 10:17 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Thu, 15 Dec 2022 10:17 PM IST
सार
लोहिया संस्थान के सीवीटीएस विभाग में डॉ. ललित मोहन जोशी ने 25 जुलाई 2022 को संस्थान को अपना त्याग पत्र भेजा था। वह चार जनवरी 2016 से आस्ट्रेलिया में नौकरी कर रहे हैं। संस्थान की एक्जिक्यूटिव रजिस्टार डॉ. ज्योत्सना अग्रवाल ने 13 दिसंबर 2022 को त्याग पत्र स्वीकार किया।
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लोहिया संस्थान
- फोटो : amar ujala
विस्तार
लोहिया संस्थान के सीवीटीएस विभाग के डॉक्टर की मुश्किलें बढ़ गई है। बिना संस्थान को सूचना दिए विदेश में नौकरी करने मामले में प्रशासन सख्त हो गया है। संस्थान प्रशासन ने डॉक्टर पर करीब 35 लाख का जुर्माना लगाया है। इसके अलावा पांच साल तक सरकारी मेडिकल संस्थान में आवेदन करने पर भी रोक लगाई है।
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लोहिया संस्थान के सीवीटीएस विभाग में डॉ. ललित मोहन जोशी ने 25 जुलाई 2022 को संस्थान को अपना त्याग पत्र भेजा था। वह चार जनवरी 2016 से आस्ट्रेलिया में नौकरी कर रहे हैं। संस्थान की एक्जिक्यूटिव रजिस्टार डॉ. ज्योत्सना अग्रवाल ने 13 दिसंबर 2022 को त्याग पत्र स्वीकार किया।
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डॉक्टर पर दंडात्मक कार्रवाई का भी आदेश दिया। आदेश के तहत डॉ. ललित करीब छह साल से संस्थान से गायब रहे। इस दौरान वह आस्ट्रेलिया में नौकरी ज्वाइन कर ली। उन्होंने इसकी कोई भी सूचना नहीं दी। संस्थान की ओर से उन्हें कई पत्र भी भेजे गए मगर कोई उनका जवाब नहीं आया। वहीं इस्तीफा देने से तीन माह पहले नोटिस दी जाती है। इस नियम का भी पालन नहीं किया गया।
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डॉक्टर पर लगा जुर्माना
लोहिया संस्थान में बिना जानकारी दिए ही विदेश में नौकरी करने वाले डॉ. ललित की वजह से छह साल तक सीवीटीएस विभाग की सीट भी फंसी रही। उनकी जगह पर कोई नए डॉक्टर तक की नियुक्ति नहीं की गई। इससे मरीजों का इलाज बाधित हुआ। डॉक्टर न होने से मरीजों के ऑपरेशन में भी देरी हुई। इस मसले को गंभीरता से लेते हुए संस्थान प्रशासन ने 28 लाख 11 हजार 543 रुपये की रिकवरी का आदेश दिया है। त्यागपत्र देने से तीन माह पहले नोटिस न देने पर सात लाख नौ हजार 302 रुपये का जुर्माना ठोका है।
आस्ट्रेलिया काउंसिल को भेजी शिकायत
एक्जिक्यूटिव रजिस्टार डॉ. ज्योत्सना अग्रवाल ने डॉक्टर पर नकेल कसने के लिए इसकी सूचना मुख्य सचिव को भेजी है। इसके अलावा आस्ट्रेलिया मेडिकल काउंसिल व आस्ट्रेलिया हाई कमीशन को भी पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई है। ऐसे में डॉक्टर पर बिना एनओसी के नौकरी लेने के आरोप में संकट आ सकता है।