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Lucknow News : एलडीए ने कोर्ट में बताए गरीबों के मकान गिराने वाले अफसरों के नाम
Tue, 06 Dec 2022 11:25 PM IST
पंकज श्रीवास्तव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: पंकज श्रीवास्तव
Updated Tue, 06 Dec 2022 11:25 PM IST
सार
साथ ही बताया कि 9 जून 2014 को इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए मामला राज्य सरकार को भेजा गया था, जो अब भी लंबित है। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई।
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एलडीए
- फोटो : amar ujala
विस्तार
लखनऊ विकास प्राधिकरण ने मंगलवार को हाईकोर्ट में गरीबों को देने के लिए बने 2 हजार मकानों को गिराने के दोषी तत्कालीन सात अभियंताओं के नाम बताए। साथ ही बताया कि 9 जून 2014 को इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए मामला राज्य सरकार को भेजा गया था, जो अब भी लंबित है। इस पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से पूछा कि दोषियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई। गौरतलब है कि यह मकान लखनऊ के पारा इलाके के हंस खेड़ा व केसरी खेड़ा में बने थे। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को नियत की है।
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मुख्य न्यायमूर्ति राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति रजनीश कुमार की खंडपीठ ने यह आदेश स्थानीय अधिवक्ता मोतीलाल यादव की जनहित याचिका पर दिया। याची का कहना था कि 1998-2000 में एलडीए ने गरीबों को न्यूनतम मासिक किश्तों में आवास सुविधा देने के तहत इन मकानों का निर्माण कराया। लेकिन, इनमें बुनियादी सुविधाएं जैसे टायलेट, किचन तक नहीं बनाए गए। ऐसे में काफी समय तक जब इन्हें लेने कोई नहीं आया तो एलडीए ने 2012 में इन्हें ढहा दिया।
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इससे इन्हें बनाने व गिराने में सरकारी धन की काफी हानि हुई। याची का कहना था कि ऐसे बिना दिमाग इस्तेमाल किए यह योजना बनाने वाले अफसरों के खिलाफ कड़ी कारवाई की जानी चाहिए।
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इस मामले में कोर्ट ने पहले राज्य सरकार समेत एलडीए से जवाब मांगा था कि इसके जिम्मेदार कौन लोग हैं। उनके खिलाफ कोई कार्रवाई की गई है या नहीं। कोर्ट ने यह भी पूछा था कि क्यों न इसके जिम्मेदारों के खिलाफ दीवानी, विभागीय व आपराधिक कार्रवाई शुरू की जाये।
कोर्ट के इस आदेश के तहत पहले जवाब दाखिल किया गया, लेकिन जिम्मेदार अफसरों के नाम नहीं बताए गए। इस पर कोर्ट ने एलडीए को आदेश दिया था कि अफसरों के नामों का खुलासा करते हुए हलफनामा दाखिल किया जाये। इसके बाद एलडीए वीसी इंद्रमणि त्रिपाठी ने हलफनामा दाखिल कर पहली नजर में दोषी पाए गए तत्कालीन सात अभियंताओं के नाम कोर्ट को बताए।
एलडीए ने ये नाम बताए
तत्कालीन मुख्य अभियंता विवेक मेहरा, अधिशासी अभियंता एके गुप्ता, एमएस गुरुदीत्ता, सहायक अभियंता फुल्लन राय, एसएस वर्मा, अवर अभियंता बी के राय और देवेन्द्र गोस्वामी।