फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   Lucknow News: High Court orders abortion of rape victim

Lucknow News : हाईकोर्ट ने दुष्कर्म पीड़िता का गर्भपात कराने का दिया आदेश, डीएम को दिए ये निर्देश

Thu, 09 Nov 2023 10:05 AM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ Published by: पंकज श्रीवास्‍तव Updated Thu, 09 Nov 2023 10:05 AM IST
सार

अदालत ने बहराइच के सीएमओ को आदेश दिया कि पीड़िता को अस्पताल लाने व डिस्चार्ज होने के बाद वापस ले जाने के लिए वे एंबुलेंस की व्यवस्था करें। साथ ही बहराइच के एसपी को आदेश दिया है कि गर्भपात के बाद डीएनए के लिए भ्रूण का नमूना संरक्षित करने के लिए वे महिला कांस्टेबल को तैनात करें।

विज्ञापन
Lucknow News: High Court orders abortion of rape victim
लखनऊ हाईकोर्ट

विस्तार

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बहराइच की दुष्कर्म पीड़िता का चिकित्सकीय गर्भपात कराने के लिए क्वीन मेरी अस्पताल की महिला एवं प्रसूति विभागाध्यक्ष को आदेश दिए हैं। अदालत ने बहराइच के सीएमओ को आदेश दिया कि पीड़िता को अस्पताल लाने व डिस्चार्ज होने के बाद वापस ले जाने के लिए वे एंबुलेंस की व्यवस्था करें। साथ ही बहराइच के एसपी को आदेश दिया है कि गर्भपात के बाद डीएनए के लिए भ्रूण का नमूना संरक्षित करने के लिए वे महिला कांस्टेबल को तैनात करें।

विज्ञापन


न्यायमूर्ति संगीता चंद्रा और न्यायमूर्ति नरेंद्र कुमार जौहरी की खंडपीठ ने यह आदेश पीड़िता की ओर से उसकी माता के जरिए दाखिल याचिका पर दिया। याचिका में पीड़िता का सुरक्षित गर्भपात कराने का आग्रह किया गया था। इसपर कोर्ट ने पहले चिकित्सकीय जांच समिति की रिपोर्ट मांगी थी, जो मंगलवार को कोर्ट में सीलबंद कवर में पेश की गई।
विज्ञापन


चिकित्सकीय जांच समिति की रिपोर्ट में कोर्ट ने पाया कि पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से अधिक और 19 वर्ष से कम है। उसको 13 सप्ताह 6 दिन का गर्भ है। सलाह दी गई कि गर्भपात के लिए जल्द से जल्द पीड़िता को अस्पताल से संपर्क करना चाहिए। इसपर कोर्ट ने आदेश दिया कि पीड़िता क्वीन मेरी अस्पताल की महिला प्रसूति विभागाध्यक्ष को संपर्क करे। विभागाध्यक्ष पीड़िता को भर्ती कर एक या दो दिन में उसका गर्भपात कराएंगी। कोर्ट ने कहा गर्भपात के बाद जरूरी होने पर पीड़िता को सरकारी खर्चे पर मनोचिकित्सक की मदद भी उपलब्ध कराई जाएगी। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 21 नवंबर को नियत की है।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed